बैंक ऑफ इंडिया मेनेजर मीणा कि कार्यशैली बनी—-।

लोन हितग्राहियों के लिए, परेशानी का सबब—-।

सतीश शर्मा गरोठ

गरोठ– शासन आमजनों के कल्याण के लिए जनहितकारी योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाता है, मगर अधिकारियों कि मनमानी के चलते पात्र हितग्राहियों को समय पर योजना का लाभ नहीं मिल पाता है, और वे आफिसों के चक्कर लगाते रहते हैं। ऐसा ही एक ताजा मामला बैंक ऑफ इंडिया शाखा गरोठ का आया है, जहां पर बैंक मेनेजर गोकुल चंद मीणा कि उदासीनता के कारण शासन कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आमजनों नहीं मिल रहा है। पीएम स्वनिधि योजना के तहत नगर परिषद में सीएमओ वीरेंद्र मेहता के कुशल नेतृत्व में योजना प्रभारी उमेश भारद्वाज के माध्यम से नगर के पात्र हितग्राहियों के प्रकरण बनाकर संबंधित बेको में भेज तो दिए जाते हैं, मगर बैंक ऑफ इंडिया शाखा गरोठ में आकर लोन प्रकरण अटक जाते हैं, बैंक मेनेजर गोकुल चंद मीणा इन छोटे प्रकरणों के बजाय बड़े लोन स्वीकृत कर मलाई चाटने में लगे हुए रहते हैं। और आमजन , विशेष दिव्यांग लोन हितग्राही बैंक के चक्कर लगाते रहते हैं।ना कोई सुनने वाला, और ना कोई देखने वाला । एक तरफ तो जिलाधीश महोदय द्वारा बैंक लोन समीक्षा बैठक में सख्त निर्देश दिए जाते हैं, मगर बैंक ऑफ इंडिया शाखा गरोठ में कलेक्टर के निर्देशों कि सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है।

jtvbharat
Author: jtvbharat