रमजान का चांद नजर आने के बाद मुस्लिम समाज ने पाबंदी से शुरू की इबादत और रोजे

अरशद जागीरदार
तराना:आसमान पर चांद दिखने के साथ ही रहमतों के महीने रमजान की शुरूआत हो गई और आज मंगलवार को पहला रोजा रहा। इबादत और बरकतों के इस महीने को लेकर बाजार में भी चहल-पहल दिखाई दी। गौरतलब है कि माहे रमजान को लेकर मुस्लिम समाज के लोगों ने पंद्रह दिनों पूर्व से ही तैयारियां करना शुरू कर दिया था और इसीके चलते घरों की सफाई के साथ ही मस्जिदों में भी विशेष रंग-रोगन और सजावट का काम शुरू हो गया था। सोमवार को चांद दिखने की तस्दीक होने पर मस्जिदों में तरावीह की विशेष नमाज अदा की गई। इस्लामी मान्यता के अनुसार माहे रमजान को अन्य महीनों से ज्यादा अजमत और बरकत वाला माना गया है। कहा जाता है कि इस माह में की गई खुदा की इबादत बाकि महीनों से अफजल होती है। यही कारण है कि रमजान के पहले दिन से ही मस्जिदों में नमाजियों की भीड़ बढऩे लगी है और हर कोई अपने रब को मनाने के लिए सजदे में सिर झूकाता नजर आ रहा है।
तरावीह की विशेष नमाज शुरू
उल्लेखनीय है कि सोमवार को माहे मुबारक रमजान की शुरूआत के साथ ही मस्जिदों में 20 रकआत के साथ पढ़ी जाने वाली तरावीह की विशेष नमाज का सिलसिला भी शुरू हो गया है। ईशा की नमाज के समय पढ़ी जाने वाली इस नमाज की बड़ी फजीलत है। चांद दिखने के बाद मुस्लिमजनों ने अपने रब की रजा के लिए सेहरी करते हुए आज मंगलवार को पहला रोजा रखा और रोजे रखने का यह सिलसिला तीस दिनों तक जारी रहेगा।
तराना अंजुमन इस्लामिया कमेटी सदर सैयद अकबर हुसैन द्वारा हमें जानकारी देते हुए बताया गया कि तराना के साथ-साथ पूरे देश के मुसलमान पूरे महीने रोजा और नमाज पूरी पाबंदी के साथ अतः करेंगे
साथ ही सोमवार को चांद दिखने के पश्चात मदारबढ़ खाकरीपुरा नयापुरा हैलावाडी सभी मस्जिदों में ईशा की नमाज के बाद तरावीह की नमाज अदा की गई

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Author: jtvbharat