पुराने जमाने का रीति रिवाज 35 से 40 वर्ष के बाद देखने को मिली बेल गाड़ी से जाति बारात।

रायपुरिया के समीप लालारुंडी मे निकली बेल गाड़ी से दूल्हे की बारात।

झाबुआ से चन्द्रशेखर राठौर

झाबुआ पेटलावाद के रायपुरिया के समीप लालरुंडी मे देखने को मिली दूल्हे की बारात जो की आज के युग मे बढ़ते खर्चो को रोकने व अपने रीति रिवाज को पुनः जाग्रत करने की एक अनोखी पहल की गई। जो की रायपुरिया पेटलावाद के समीप लालारुंडी के निनामा परिवार मे देखी गई है। जहा पर अपने पोते की शादी के लिए ना बेंड बाजे ना गाड़ियों की लम्बी कतारे। ओर ना हि डीजे। बल्कि बेल गाड़ी व सेनाई बजाते अपने पोते की बारात ले जा रहे है। जिसे देख हर कोई सोक मे है। की आज के इस दोर में भी कोई है जो पिछले 40 साल का रिकार्ड तोड़ दिया ओर साथ हि यह संदेश दिया की गरीब लोग कैसे अनाफ सनाफ खर्चे कर रहे है और उसके बाद पैसे के लिए पलायन कर रहे है। पहले एक से दो महीने जाते थे। लेकिन अब पुरा साल पलायन पर रहते है। ओर इन सब का एक हि कारण है की लोग जरूरत से ज्यादा खर्च कर रहे है।

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Author: jtvbharat