
संवाददाता-कमल राठौर
। भानपुरा-भानपुरा के इतिहास और पुरातत्व पर विगत तीस वर्षों से सतत शोध व लेखन कर भानपुरा को पर्यावरण पर्यटन मानचित्र पर लाने के स्वप्न दृष्टा ,बहुमुखी प्रतिभा के धनी ,साहित्य इतिहास पर्यटन पुरातत्व और समाजसेवा आदि अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले प्रमुख हस्ताक्षर व कवि लेखक की काबिलियत को अर्नेस्टो पेड्रो ग्लोबल सर्विसेज द्वारा इनके इतिहास व पुरातत्व विषय में अवदान के लिए इंडो स्पेनिश इंटरनेशनल अवार्ड 2024से सम्मानित किया है। फाउंडेशन के पत्र में डॉक्टर भट्ट की सेवाओं का जिक्र कर बताया गया है कि इन्होंने विगत 25वर्षों में अपने अध्यव्यसाय के साथ ही भानपुरा अंचल सहित विंध्यांन श्रेणियों में पेट्रिग्लिफ साइट्स व रॉक आर्ट साइट्स की खोज के साथ उनके संरक्षण के प्रयास भी किए ।समुद्री तर्टल के फॉसिल को खोजा तथा कोई दो मिलियन वर्ष पुराने प्रागमानव के पद चिन्ह के कास्ट को खोजा जो निश्चित ही इतिहास पुरातत्व और एंथ्रोपोलॉजी के छात्रों के लिए महत्त्व की हैं। उल्लेखनीय है कि डॉक्टर भट्ट ने आंचलिक इतिहास व पुरातत्व पर अनेक पुस्तकें भी लिखी हैं इन्होंने शेल चित्र संरक्षण के लिए दस वर्ष पहले जन जागरण अभियान चला कर स्कूलों कॉलेजों में प्रदर्शनियां लगाकर व्याख्यान भी दिए । विशेष बात यह हैं कि भानपुरा अंचल में सर्व प्रथम कप मार्क्स यानी पेत्रोग्लिफ की खोज इन्द्र गढ़ पहाड़ी पर 8सितम्बर 1993को की थी इसके बाद चम्बल के किनारे व पूरे विंद्यान्न पर बीस से अधिक जगह कप मार्क्स खोजे व अनेक पेंटेड रॉक शेल्टर भी खोजे ।विश्व समुदाय ने इंद्रगढ़ पहाड़ी के कप मार्क्स को प्राचीन त म कला प्रमाण माना है इन खोजों ने भानपुरा को विश्व पटल पर विशेष पहचान मिली ज्ञात रहे कि भानपुरा में 2006में डॉक्टर भट्ट ने रॉक आर्ट सोसायटी की राष्ट्रीय संगोष्ठी आहूत की थी इसके पूर्व ही दुनिया के दस देशों के विशेषज्ञ का भानपुरा आना हुआ था। उपरोक्त जानकारी भानपुरा की साहित्य व संस्कृति को समर्पित संस्था वाग्देवी परिषद के अध्यक्ष राधेश्याम टेलर श्याम ने दी है व बताया कि वाग्देवी परिषद भी डॉक्टर भट्ट का अभिनन्दन करेगी। डॉक्टर भट्ट ने इस समान को भानपुरा की संस्कृति के आद्य साधकों अनाम कलाकारों की उपलब्धि बताया जिन्होंने ये धरोहरें हमारे लिए सुरक्षित छोड़ी हैं। डॉक्टर भट्ट को मनासा से डॉक्टर पूरण सहगल ,झालावाड़ से प्रकाश यौवन, जगदीश झालावा डी ,कोटा से डॉक्टर सुरेन्द्र शर्मा, राज समं द से संदीप शर्मा भानपुरा के साहित्यकार मित्रो प्यारेलाल रांगोथा, बाबुल्दा से रामनारायण चौहान ,मोहन लाल मरमत, कैलाश तिवारी ,सीताराम संदेशिया, व प्रेस के मित्रों,,,,,,,,,,, ने बधाई दी हैं।