गर्मी से मानव स्वास्थ्य पर होने वाले दुष्प्रभाव तथा रोगो से बचाव एवं उपचार हेतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा एडवाईजरी जारी

झाबुआ 29 मार्च, 2024। कलेक्टर नेहा मीना के निर्देशानुसार और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ बी.एस.बघेल के मार्गदर्शन में अधिक तापमान एवं गर्म हवाओं के कारण स्वास्थ्य पर होने वाले दुष्प्रभाव की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु उपाय सुझाएँ गए है ताकि गर्म हवा से होने वाली समस्या तथा जटिलताओं का समय पर पहचान एवं इलाज करते हुए रोगो तथा मृत्यु का कम किया जा सके। आमजन को जागरूक व सही जानकारी अवगत कराने के उद्देश्य से एडवाईजरी जारी की जा रही हैं।
लू, (Heat Stroke) लू लगना शरीर की वह अवस्था है जिसमे गर्मी के कारण शरीर का तापमान 40.0 डिग्री सेल्सियय के पास पहुंच जाता है और मन में उलझन की स्थिति रहती है। यह स्थिति एकाएक आ सकती है या धीरे-धीरे हो सकती है।लू के लक्षण तेज बुखार के साथ मुह का सुखना,चक्कर और उल्टी आना ,कमजोरी के साथ शरीर में दर्द होना, शरीर का तापमान अधिक होने के बावजूद पसीने का ना आना,सिर में भारीपन और दर्द का अनुभव होना, अधिक प्यास लगना और पैशाब कम आना, भूख कम लगना, बेहोश होना।
लू लगने का प्रमुख कारण तेज धूप और गर्मी में ज्यादा देर तक रहने के कारण शरीर में पानी और खनिज मुख्यतः नमक की कमी हो जाना होता है। अतः इससे बचाव के लिए ध्यान रखना चाहिये कि पानी अधिक मात्रा में पीये, अधिक समय तक धूप में न रहें,बहुत अनिवार्य हो तो ही घर से बाहर जायें,बच्चे बुजुर्ग एवं बीमार व्यक्ति घर से बाहर कम निकले विशेषत दोपहर में 12 से 04 बजे के मध्य घर से बाहर ना जाऐ, धूप में निकलने से पहले सर एवं कानो को कपडे से अच्छी तरह से ढक ले,गर्मी के दौरान नरम मुलायम सूती हल्के ढीले-ढाले सूती वस्त्र पहनना तथा धूप से चश्मा छाता टोपी एवं जूता पहन कर घर से निकले,अधिक पसीना आने की स्थिति में ओ०आर०एस० धोल लस्सी, मटठा एवं फलों का रस पीथे जिससे शरीर में निनेरल्स की कमी न होने दे। गरिष्ठ एवं मसालेदार भोजन से बचे,चक्कर आने मितली आने पर छाया दार स्थान पर आराम करें तथा शीतल पेय जल अधया उपलब्ध होतो फान का रस, लस्सी, मटठा आदि का सेवन करें,गर्म हवाओ की स्थिति जानने के लिए रेडियो टी०वी० पर मौसम के पूर्वानुमान की जानकारी प्राप्त करते रहे, उल्टी सिरदर्द तेज बुखार की स्थिति में निकट के अस्तपाल अथवा स्वास्थ्य केन्द्र से परामर्श प्राप्त किया जाए, यात्रा के समय पानी की बोतल ओ०आर०एस० पेकेट साथ में रखना चाहिये।
लू लगने पर किया जाने वाले प्रारंभिक उपचार में अधिक पानी व पेय पदार्थ पिलाये जैसे कच्चे आम का पना एवं जलजीरा आदि, पीडित व्यक्ति को पंखे के नीचे हवा में लेटा देवें, बुखार पीड़ित व्यक्ति के सर पर ठंडे पानी की पट्टी लगावें, शरीर पर ठंडे पानी का छिडंकाव करते रहें,पीड़ित व्यक्ति को शीघ्र ही किसी नजदिकी चिकित्सक या अस्पताल में इलाज के लिए ले जायें आशा/ए.एन.एम से ओ.आर.एस. के पैकेट हेतु संपर्क करें।

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Author: jtvbharat