
धर्मेंद्र भट्ट
होली के 7 दिनों बाद शीतला सप्तमी मनाई जाती है। आज ताल नगर के अंबामाता मंदिर पर रात से महिलाए पूजा करने पहुंचाने लगी ,महिलाओं ने माता शीतला को भोग लगाकर पूजा की , इस दिन ठंडे प्रसाद का भोग माता शीतला को लगाया गया है। इस दिन गर्म चीज कुछ भी नही बनाई जाती है एक दिन पहले ही सारा भोग बनाया जाता है शीतला माता ठंडक प्रदान करने वाली देवी है। होली के बाद मौसम में बदलाव आने लगता है। हल्की ठंड भी खत्म होने लगती है और गीष्म ऋतु का आगमन होता है। ऐसे में वातावरण में ठंडक की आवश्यकता होती है
क्योंकि भीषण गर्मी में त्वचा सम्बधी रोग का खतरा बना रहता है। इस कारण मान्यता है कि माता शीतला का व्रत रखने और विधिवत पूजा करने से चेचक, चर्म रोग की बीमारियां दूर रहती हैं।