श्रृंगारित रथों में माता को गाजे बाजे के साथ घर ले गए श्रद्धालु।

रणु बाई व धणिया राजा के जयघोष से गूंजा नगर। चैत्र तीज़ पर दर्शनार्थियों के लिए खुली माता की पवित्र बाड़िया।

बलवाड़ा निप्र से जितेंद्र गुर्जर

बलवाड़ा से 5 किलोमीटर दूर ग्राम झिगडी में गणगौर की धूम निमाड़ अंचल में एक सप्ताह की सेवा के बाद शुक्रवार को चैत्र शुक्ल की चौथी को माता जी की बड़िया खुली इस दौरान गांव कै श्रद्धालु की दर्शन के लिए लंबी कतार लग गई बाड़ी आने पर श्रद्धालुओं ने माता के जवारौ की पूजा अर्चना की इसके बाद माता के जवारौ को रथ मैं विराजित कर श्रद्धालु अपने-अपने घर ले गए गणगौर पर्व 3 दिन तक मनाया जाता है
बड़ियां खुलने के साथ गाणगौर माता ओर धनिया राजा के जयकारे सुबह से गुजाने लगे दूसरे दिन चल समारोह निकाला जाता है जिसमें राथो को गंगौर घाट पर ले जाया जाता है वहां पर सभी महिलाएं झालरिया गीतों पर नृत्य कर माता जी की आराधना करती है वहीं पर माताजी को अंगूठी से पानी पिलाया जाता है फिर रथ दौड़ने की परंपरा पूरी की जाती है जोड़े सहित रथो को लाया जाता है सभी परिवार बेटी की तरह माता जी की आराधना कर तीसरे दिन माता जी को नम आंखों से विदाई देते हैं

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Author: jtvbharat