
देवी अहिल्या गृह निर्माण संस्था की जमीनों पर हुई बंदरबांट के मामले पूर्व से उजागर होते रहे हैं। पिछले दिनों प्राधिकरण ने क्यूसर हॉक के आबंटन पर कार्रवाई की थीं तो अब इसी कड़ी में बेस्टेक इंडिया प्रा.लि., जिसके डायरेक्टर धर्मेन्द्र भंडारी हैं, के मामले में भी की गई है। आईडीए के भू-अर्जन अधिकारी ने इस संबध में आज नोटिस भी जारी कर दिया है। दरअसल एमआर-10 निर्माण के लिए ली गई जमीन के बदले आवास नीति के तहत 20 फीसदी विकसित भूखंड कई लोगों को दिए गए। उसमें देवी अहिल्या संस्था की 1.170 हेक्टेयर जमीन 2006 में बेस्टेक इंडिया ने खरीद ली। इसके बाद प्राधिकरण और बेस्टेक इंडिया के बीच अनुबंध भी निष्पादित हुआ, जिसके आधार पर योजना क्र. 134, सेक्टर-बी के भूखंड क्रमांक 236, जिसका क्षेत्रफल 450 वर्गमीटर है वह बेस्टेक इंडिया को आबंटित किया गया। बेस्टेक इंडिया ने यह भूखंड नागदा रियल इस्टेट को बेच दिया और उसने भी बाद में इस भूखंड का विक्रय मनोहर बिजनेस सॉल्यूशंस प्रा.लि. को कर दिया। प्राधिकरण के रिकॉर्ड में फिलहाल इसी फर्म का नाम दर्ज है। कुछ समय पूर्व सहकारिता विभाग ने संस्था की जमीनों के अवैध विक्रय के मामले में आदेश पारित किया था, जिसमें बेस्टेक इंडिया द्वारा खरीदी जमीन भी शामिल रही। लिहाजा अब प्राधिकरण ने संस्था के सदस्यों के हित में निर्णय लेते हुए फर्म को आबंटित भूखंड को निरस्त करने और उसका कब्जा देने का नोटिस जारी करते हुए 28 मई तक जवाब मांगा है।