जिला चिकित्सालय देवास में विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

जिले के नागरिकों को जागरूक करने एवं तम्बाकू सेवन रोकथाम के लिए 21 जून तक जागरूकता गतिविधियों का होगा आयोजन

जिला ब्यूरो राजेंद्र योगी

देवास—, 31 मई जिला चिकित्सालय देवास में विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शिवेन्द्र मिश्रा ने बताया कि राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम अंर्तगत प्रतिवर्ष 31 मई को विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसी आशय से 31 मई 2024 को विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के अवसर पर बच्चों को तम्बाकू उद्योग के हस्ताक्षेप से बचाना पर थीम आधारित जन जागरूकता गतिविधियों का आयोजन जिला तथा समस्त विकासखण्ड मुख्यालय पर किया गया। तम्बाकू के सेवन से होने वाले शारीरिक एवं मानसिक दुष्प्रभावों के प्रति आमजन को जागरूक करने एवं तम्बाकू सेवन के रोकथाम के लिए जिले 21 जून तक जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जायेगा।

जिसमें सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती अभिलाषा मवार एवं प्रधान मजिस्‍ट्रेट किशोर न्याय बोड देवास सुश्री अंजना यादव, सिविल सर्जन डॉ एम.पी.शर्मा, डॉ एम.एस. गोसर, डॉ राजेन्द्र गुजराती, डॉ शाहिद शेख, राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम नोडल अधिकारी डॉ. सनी चैरसे, श्री कमल सिंह डावर सहित चिकित्सक और अन्य स्टॉफ उपस्थित था।

कार्यक्रम में श्रीमती अभिलाषा मवार ने स्वास्थ्य गतिविधियों में तंबाकू उत्पादों के सेवन से स्वास्थ्य को होने वाले हानिकारक दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दी। धूम्रपान करने और पान गुटखा खाकर थूकने पर होने वाली विधिक कार्रवाई के बारे में जानकारी दी गई। स्वस्थ जीवन के लिए तंबाकू, गुटका, बीड़ी और सिगरेट का इस्तेमाल ना करने के लिए लोगों को जागरूक किया एवं तंबाकू उत्पादों का सेवन न करने की अपील भी की गई।

सिविल सर्जन डॉ एम.पी.शर्मा न बताया कि जो भी व्यक्ति तम्बाकू या अन्य तम्बाकू से संबंधित उत्पाद का सेवन करता है तो वह किसी न किसी प्रकार से मानसिक रूप ग्रसित होता है, उन्हे नियमित काउंसलिंग की जरूरत होती है, जो भी तम्बाकू का सेवन करते है, उन्हे आर्थिक एवं सामाजिक रूप से भी परेशानियो का सामना करना पढता है। कार्यक्रम में उपस्थित शासकीय सेवकों से कहा की जिले की समस्त स्वास्थ संस्थाओं तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम को प्रभावी रूप से क्रियांवित किये जाने के लिए सभी लोगों को प्रेरित करने एवं तम्बाकू या तम्बाकू से जुडे उत्पादों का सेवन ना करने की बात कहीं।

कार्यक्रम में नोडल अधिकारी डॉ सनी चैरसे ने तम्बाकू नियंत्रण अधिनियम 2003 की धाराओ को विस्तार से बताया, जिसमें की धारा-4 के अंर्तगत सभी सार्वजनिक स्थलों को धुम्रपान मुक्त किया गया है, धारा-5 किसी भी प्रकार के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष विज्ञापन निषेध किये गये है एवं धारा-6 अ 18 वर्ष से कम उम्र (अव्यस्कों) द्वारा किसी भी प्रकार के तम्बाकू उत्पाद का खरीदना एवं बैचना निषेध है, धारा-6 ब इसके अंतर्गत सभी शिक्षण संस्थानाओं के 100 गज (300 फिट)के दायरे में यदि कोई तम्बाकू उत्पाद कि बिक्री करता है वह भी निषेध है। इन धाराओ का उल्लंघन करने पर 200 रूपये तक का जुर्माना किया जा सकता है।

कार्यक्रम में सभी को संकल्प दिलाया की “हम यह शपथ लेते है कि हम तम्बाकू या तम्बाकू से बने उत्पादों का सेवन नही करेंगे साथ ही अपने रिस्तेदारो परिचितों एवं पडोसियो को इसका सेवन नही करने हेतु जागरूक करेंगे’’। इसके अलावा हमे अपने पर्यावरण को भी तम्बाकू उत्पादों के उपयोग से होने वाले दुष्प्रभाव से बचाने में योगदान देने का संकल्प लिया, और सभी ने हस्ताक्षर अभियान में भाग लिया।

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Author: jtvbharat