
जिला ब्यूरो सतीश वाघ
बुरहानपुर :– पिछले करीब 45 दिनो में सोयाबीन के पौधे एक फीट से ज्यादा ऊंचे हो गए है खेत में पहले खरपतवार और अब सोयाबीन की पत्तिया पीली पड़ने लगी है इसे लेकर किसान चिंतित है वहीं कृषि वैज्ञानिको का कहना है कि लोह और सल्फर की कमी से सोयाबीन की पत्तिया पीली पड़ रही है किसानों को सुझाव दिए जा रहे है
किसानों के अनुसार सोयाबीन की फसल को खासा नुकसान होने की संभावनाओ के साथ दानो का वजन 8 से 10 फ़ीसदी कम होने की आशंका है किसान जगदीश पाटिल ने कहा दो सप्ताह पहले खरपतवार को नष्ट करने के लिए कीटनाशक दवा का छिड़काव किया लेकिन दवा काम नही कर रही है खरपतवारो को खेतो से हटा ही रहे थे की अब सोयाबीन की पत्तियो मे पीलापन दिखाई देने लगा है
इसे लेकर कृषि जानकारो से बात की तो उन्होंने कहा समय पर बारिश नही होने से पोषक तत्व मिट्टी में घुल नही पाए कुछ ऐसे क्षेत्र है जहां अधिकांश खेत ढलान पर है वहा पानी नही रुक पाने से भी पोषक तत्व पौधे व मिट्टी मे नही मिल पाए कई किसानो ने खेत में कम नमी होने के बाद भी सोयाबीन की बुवाई कर दी इन्ही वजह से सोयाबीन की पौधे मे पीलेपन की समस्या बन गई है कृषि विभाग के अनुसार जिले मे सोयाबीन का कुल रकबा 39000 हजार हेक्टेयर है
किसान करे यह उपाय
कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर कार्तिकेय सिंह ने कहा लोह व सल्फर की कमी के कारण सोयाबीन की पत्तिया पीली पड़ रही है इससे किसानो को चिंता करने की बात नही है लोह व सल्फर की कमी के साथ-साथ कभी-कभी सोयाबीन पिला मोजेक बीमारी के चपेट मे आ जाता है यह बीमारी मुख्य रूप से वायरस के कारण होती है यह वायरस एक पौधे से दूसरे पौधे पर सफेद मक्खियो के द्वारा फैलाई जाती है ऐसी स्थिति मे किसान थायोमेंथाजाम 5 ग्राम प्रति पंप की दर से छिड़काव करे तो सोयाबीन मे आवश्यक तत्व की पूर्ति हो जाएगी इससे किसानो को इस समस्या से राहत मिलेगी वैज्ञानिक डॉक्टर भूपेंद्र सिंह ने बताया बोवनी के समय किसानो को एक हेक्टर में 25 किलोग्राम जिंक सल्फेट उर्वरक का प्रयोग करना चाहिए इससे पत्तियों मे पीलेपन की समस्या नही आएगी