
गिरधारीलाल गेहलोत खाचरोद:- माननीय सुप्रीम कोर्ट ने 1 अगस्त 2024 के फैसले में कहा गया है कि राज्य सरकार चाहे तो अनुसूचित जाति जनजाति में क्रिमिलेयर करके उनका वर्गीकरण कोटे में कोटा कर सकती है, माननीय सुप्रीम कोर्ट का यह फेसला अनुच्छेद 16(4), 341, 342 एवं संविधान की मूल भावना के खिलाफ है, जो की अनुसूचित जाति जनजाति के लोगों को आपस में बांटने का कार्य करेगा. माननीय सुप्रीम कोर्ट के फेसले से आहत होकर अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग के लोगों उनसे जुड़े संगठन के द्वारा 21 अगस्त 2024 को पूरे भारत में भारतबंद का आह्वान किया गया था जिसे खाचरोद तहसील जिला उज्जैन के अनुसूचित जाति जनजाति के लोगो के द्वारा भारतबंद का पूर्ण रूप से समर्थन किया एवं राष्ट्रपति महोदय से मांग की एससी एसटी वर्गीकरण कोटे में कोटा पर तुरंत कानून बनवाकर उसे रोका जाए. अनुसूचित जाति जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को लेकर लगातार बहस होती है. बार बार माननीय हाईकोर्ट एवं माननीय सुप्रीम कोर्ट में अपील होती हैं. आरक्षण का मामला बहुत ही संवेदनशील मामला है इसलिए महामहिम पूरे भारत में जातिगत जनगणना की जाए एवं जातिगत जनगणना से मिले डाटा में हर जाति की संख्या जितनी हो उसके अनुपात में सौ फ़ीसदी आरक्षण लागू किया जाए. जाति व्यवस्था इस देश की सच्चाई है और हजारों वर्षों से शोषित वंचित पीड़ित जातियां उनकी जाति के अनुपात में आरक्षण का लाभ नहीं ले पा रहे हैं यदि 100 फ़ीसदी आरक्षण लागू हो जाता है तो इससे अनुसूचित जाति जनजाति पिछड़ा वर्ग एवं सामान्य वर्ग के लोगों को उनकी जाति की संख्या जितनी हो उसके अनुपात में आरक्षण मिलेगा एवं आरक्षण की बहस पर हमेशा के लिए विराम लग जाएगा. एवं सभी वर्गों के लोगो मैं जो आरक्षण को लेकर आए दिन विवाद होता है उससे मुक्ति मिलेगी!
ज्ञापन का वाचन कार्यक्रम संयोजक राकेश कुमार राठौर ने किया, इस मौके पर ओंकार लाल खाचरोटियारोटियां, राहुल लिमबोला, लखन गोहर, मदन गुजराती,अर्जुन पहलवान, वीरेन चौहान नंदराम देवड़ा, जगदीश परिहार संजय राठौर राजू चौहान तरुण परिहार अर्जुन चौहान, अजय मालवीय, गोपाल मालवीय, दशरथ चंद्रवंशी, सुरेश चौहान, मोहनलाल बेवंदिया, मकई गांव के लोग उपस्थित थे