
पुलिया के दोनों ओर वर्षों से नहीं बनी रेलिंग
बद्री अवस्थी
बलवाड़ा:- थाने के अन्तर्गत आने वाले ग्राम कुंडिया स्थित चोरल नदी की रपट से बहते पानी में निकलने की कोशिश कर रहे बाइक सवार की बाइक तेज बहाव में फिसलने से एक युवक की मौत हो गई। बताया जा रहा की उक्त बाइक सवार काटकूट निवासी बद्रीलाल उम्र 45 वर्ष पिता रामेश्वर वर्मा इंदौर होकर वह ओंकारेश्वर बस में कंडक्टर था और रोजाना की तरह 2 दिन पहले गुरुवार रात 9:15 पर ग्वालु में बस से उतरा था और वहीं से अपनी बाइक लेकर अपने घर काटकूट जा रहा था। बारिश के कारण कुंडिया नदी में पुलिया के ऊपर बनी रपट पर पानी अधिक बह रहा था।जिसका अंदाजा बाइक सवार युवक रात्रि का समय होने पर नहीं लगा पाया। बद्रीलाल इसी पुलिया से निकला बहाव तेज होने से उसकी बाइक अनियंत्रित होकर फिसल गई। बद्रीलाल बाइक सहित नदी में गिर गया। दो दिन से परिजन वह पुलिस बद्रीलाल को ढूंढने का प्रयास कर रहे थे। लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। शनिवार को कुंडिया से करीब आधा किलोमीटर दूर ग्राम सेंधवा के पास चोरल नदी के पत्थरों के बीच ग्रामीणों उसका शव फंसा देखा तो राहगीरों की सूचना पर बलवाड़ा पुलिस मौके पर पहुंची । वह पंचानामा बनाकर शव को बड़वाह के सिविल अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भेजा। जहां से पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया गया।
घटना के 2 घंटे पहले फोन कर परिजनों को कहा था डेढ़ घंटे में घर आ जाऊंगा। रोजाना इसी रूट से बद्री लाल अपने घर काटकूट जाता था।
परिजनों ने बताया बद्रीलाल का मोबाइल गुम गया था। घटना के करीब 2 घंटे पहले रात करीब 8:00 बजे किसी अन्य व्यक्ति के मोबाइल से घर पर बात की बोला था कि एक डेढ़ घंटे में घर आ जाऊंगा । लेकिन देर रात तक भी बद्रीलाल घर नहीं पहुंचा। इसके बाद अन्य लोगों को फोन लगाकर पूछता शुरू की। सुबह तक घर नहीं लौटा तो परीचितो से पूछताछ के बाद सिमरोल थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। परिजनों ने बताया बद्रीलाल 28 साल से एम एस टी बस में कंडक्टरी करता था। रोजाना शाम को बस का अंतिम स्टाफ ओंकारेश्वर में रहता है। दूसरे दिन सुबह वापस ओंकारेश्वर से इंदौर पहुंच जाता है। इंदौर से आते समय रोजाना रात 9:15 बजे ग्वालु में उतरकर वही चौराहे पर बनी नायक होटल के पास से खड़ी अपनी मोटरसाइकिल बाइक लेकर अपने घर काटकुट पहुंच जाता था। परिजनों ने बताया की बद्रीलाल के दो बच्चे हैं। जिसमें एक लड़का और एक बालिक है। बद्रीलाल घर में कमाने वाला अकेला व्यक्ति था। कुंडिया स्थित चोरल नदी पर पहले भी इस तरह की घटना में कई युवक अपनी जान गंवा चुके हैं। विधायक सांसद आदि जन प्रतिनिधि ने भी कभी इस पुलिया पर बनी रपट पर रेलिंग लगवाने की कोशिश नहीं की। वर्षों से इस पुलिया पर बनी सौ मीटर रपट के दोनों ओर रेलिंग नहीं है।अगर पुलिया पर रेलिंग होती तो युवक की जान जरूर बच जाती।