बोआ अजगर का शिकार करने वाले को 03 वर्ष कारावास एवं 500/- का अर्थदण्ड

जिला ब्यूरो चीफ रेखा लहासे

बुरहानपुर,प्रकरण में सहा. जिला अभियोजन अधिकारी श्री सुनील कुरील द्वारा अभियोजित प्रकरण में श्री अजय कुमार यदु न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी बुरहानपुर द्वारा आरोपी प्रेमसिंह पिता दगडु को धारा 9/51(1) वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 मे 3 वर्ष कारावास एवं 500/- का अर्थदण्ड से दंडित किया गया ।सहा.जिला अभियोजन अधिकारी श्री सुनील कुरील ने बताया कि, घटना दिनांक 23-03-2019 को वन परिक्षेत्र नेपानगर में पदस्था वन रक्षक हेमंत भौंसले को मुखबीर से अजगर रखने की सूचना प्राप्त हुई थी इसके पश्चात वन रक्षक हेमेंत भौंसले ने आरोपी प्रेमसिंह के गॉव फतेहपुर हमराह बल के साथ पंहुचकर उसके घर की तलाशी ली तो ड्रम में एक जीवित रेड सेंट बोआ सांप (दो मुंह वाला सांप) होना पाया था आरोपी से पुछने पर उसे बताया कि उक्त सांप को उतावली नदी से पकडकर एक साल से बंदी बनाकर ड्रम में रखा है। मौके पर बोआ जप्ता कर पंचनामा तैयार किया एवं बोआ का चिकित्सा परीक्षण कराया एवं उसे पुन: जंगल में छोड दिया इसके पश्चात वन चौकी पर प्रकरण पंजीबध्द कर विवेचना उपरांत परिवाद/अभियोग पत्र मान. न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। प्रकरण में शासन की ओर से सफलतापूर्वक पैरवी सहा. अभियोजन अधिकारी श्री सुनील कुरील द्वारा की गई जिसके पश्चात मान. न्यायालय द्वारा आरोपी प्रेमसिंह पिता दगडु को धारा 9/51(1) वन्यो प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 मे 3 वर्ष कारावास एवं 500/- का अर्थदण्ड से दंडित किया गया ।

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Author: jtvbharat