अष्ट दिवसीय पर्युषण पर्व का समापन पर भगवान महावीर स्वामी के जन्म कल्याणक प्रसंग का वाचन हुआ

धर्मेन्द्र सोलंकी बाग
बाग (धार) जैन धर्म के अष्ट दिवसीय पर्युष्ण पर्व का समापन शनिवार 7 सितंबर को हुआ। पर्व के पाँचवें दिन भगवान महावीर स्वामी के जन्म कल्याणक प्रसंग का वाचन हुआ। श्रीसंघ के सुभाष संघवी ने कल्पसूत्र वाचन के दौरान जैसे ही भगवान के जन्म की घोषणा की, समाज जन हर्ष से नाचने लगे। पंजीरी का प्रसाद वितरित किया गया। केसर के छापे लगाकर प्रभु के जन्म की बधाईयाँ दी गयी। प्रतिक्रमण के पश्चात भगवान को पालने में झुलाया गया। शनिवार पर्व के अंतिम दिन समाज जन व्यापार व्यवसाय बंद रख धर्म क्रियाओं में रत रहे। चैत्य परिपाटी का जुलुस निकाला गया। रात्रि में प्रतिक्रमण के पश्चात संसार के समस्त जीवों से क्षमा याचना कर अपनी गलतियों का प्रायश्चित किया। पर्युषण पर्व के आठों दिन जैन मंदिर में भगवान विमलनाथ की अंग स्चना नीरेश सेठिया,संयम जैन,अक्षत जैन, अंश जैन,
आदि दवारा की गयी । जिसे दर्शन करने वाले भक्त एक टक निहारते रहे। समाज के एसे अस्वस्थ लोग जो मंदिर दर्शन करने नहीं जा पाते हैं, उनके लिए समाज के युवा और बालिकाओं की टोली प्रति दिन भगवान लेकर उनके घर पहुंचे और उन्हें देव दर्शन कराए। इस कार्य की सभी ने प्रशंसा की। बालिका परिषद ने प्रतिदिन मंदिर परिसर में आकर्षक गहुँली व भक्ति की। समाज अध्यक्ष अमित जैन ने बताया, पर्व की खुशी में सोमवार को समाज का स्वामिवात्सल्य रखा गया है। जानकारी समाज के मीडिया प्रभारी सचिन जैन द्वारा दी गयी।

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Author: jtvbharat