
सदाचार अपनाए एवम धर्म के प्रति वफादार अवश्य बने : साध्वी श्री जी
पंकज गोस्वामी
रानापुर:- पर्युषण पर्व के समापन के बाद रविवार को सकल जैन श्वेतांबर श्री संघ का पर्युषण पर्व में अठाई (आठ उपवास)करने वाले तपस्वियो का वरघोड़ा एवम नगर के तीनो सुविधिनाथजी,सिमंधर स्वामीजी एवम मुनि सुव्रत स्वामी जिनालय की चेत्य परिपाटी का सामूहिक वरघोड़ा चैत्य परिपाटी के लाभार्थी रमेशचंद्र सालेचा के निवास से साध्वी श्री अरहमनिधि व देशनानिधि श्रीजी की निश्रा में निकला । वरघोड़े में एक रथ पर तीनो अठाइ तपस्वी (धर्मेश जैन,नंदा कटारिया,वेदी नाहर) विराजमान थे । सालेचा परिवार की महिलाए सिर पर अष्ट प्रकार्री पूजन सामग्री लिए चल रही थी । पूरे रास्ते आमजन को प्रसादी का वितरण किया गया । बैंड बाजो की समधूर धुन पर जैन गीतो पर युवा जन उत्साह के साथ पूरे रास्ते खूब नाचते झूमते निकले,चोराहो पर गरबा किया । वरघोड़ा नगर के प्रमुख मार्गो से होता हुआ श्री सुविधिनाथ जिनालय फिर श्री मुनि सुव्रत जिनालय पहुंचा यहां लाभार्थी परिवार ने अष्ठप्रकारी पूजन सामग्री अर्पण की,श्री संघ ने सामूहिक चेत्य वंदन किया । वरघोड़े का समापन श्री चारित्र आराधना भवन में हुआ यहां साध्वी जी को सामूहिक गुरुवंदन रेखा सियाल ने करवाया। सकल संघ ने साध्वी जी से सामूहिक क्षमापना की । इस अवसर पर साध्वी अरहम निधि ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा की हमें लोक निंदा की प्रवृति से बचना चाहिए,दिन दुखी की सेवा करना,लज्जा रखना और कृतज्ञता रखना जेसे चार प्रकार के सदाचार जीवन में अपनाने चाहिए । साध्वी जी ने रावण का उदाहरण देते हुए बताया की रावण के पास राज पाट ,लाखो सेनिको की सेना लाखो अश्व ,हाथी आदि थे,लेकिन उसने जीवन में सदाचार नही था जिसके कारण उसकी पराजय हुई । साध्वी देशनानिधि ने अपने प्रवचन में कहा की हमें अपने धर्म के प्रति वफादार बनना चाहिए । रात्रि भोजन,कंदमूल आदि का त्याग करना चाहिए । उन्होंने कहा की अपने बच्चो को संस्कारी बनावे ।परमात्मा की आज्ञा का पालन करवावे। हमारा सृजन जिस लिए हुआ है वो हमे सार्थक करना है जिसके धर्म अनुष्ठान करे । कार्यक्रम की शुरुआत में पवन नाहर,सुरेश समीर ने भक्ति गीत गाया । श्री संघ के अध्यक्ष द्वय चंद्रसेन कटारिया ,दिलीप सकलेचा ,राजेंद्र सियाल,विनय कटारिया,नेहा नाहर, श्रेणी शाह ने भी अपने उद्बोधन में तपस्वियों की अनुमोदना की । तपस्वियों का बहुमान सकल श्री संघ,नवयुवक,महिला परिषद परिवार की ओर से किया गया । कार्यक्रम का संचालन परिषद अध्यक्ष जितेंद्र सालेचा ने किया ।