
जिला ब्यूरो चीफ रेखा लहासे
बुरहानपुर : वनमाली सृजन केंद्र एवं ताप्ती सृजन पीठ के संयुक्त तत्वाधान में वरिष्ठ गज़लकार राजपाल सिंह चावला “राज़” के गज़ल संग्रह “एक मुट्ठी आसमान” का लोकार्पण एवं कृतिकार का सारस्वत सम्मान समारोह का भव्य आयोजन गुरु सिख माॅल के सभागार में 15 सितंबर शाम को संपन्न हुआ।समारोह का शुभारंभ कवियत्री सुनंदा गावंडे द्वारा प्रस्तुत मां सरस्वती की स्वर में वंदना से हुआ। संपादक एवं समीक्षक संदीप शर्मा निर्मल ने कहा-” कुछ कड़वे कुछ मीठे अनुभवों को तर्ज देता, यह संग्रह हिंदी ग़ज़ल की परंपराओं को आगे बढ़ाने में मिल का पत्थर साबित होगा।संपादक संतोष परिहार ने अपने उद्बोधन में कहा-” उम्र के इस पड़ाव पर बस धड़कनों में जीने का नाश होना चाहिए। चावला जी का साहित्य सृजन तपस्या से कम नही है।”विशेष अतिथि भूपेंद्र सिंह खंडपूरे ने चावला जी के सृजन कार्यों को चार दशकों की सफल साधना बताया। डॉ मनोज अग्रवाल ने कहा-” साहित्य सृजन में सतत् सक्रियता युवा पीढ़ी के लिए एक मिसाल बनेगी।” वरिष्ठ रंग कर्मी संजय भट्ट ने -“चावला जी के सृजन कार्य को अनुभव का एक दस्तावेज कहा।” डॉ. रमेश चंद्र शर्मा धुआंधार ने व्यंग क्षणिकाओं के माध्यम से उन्हें बधाई दी। आर्ट ऑफ़ लिविंग प्रमुख वरिष्ठ अधिवक्ता संतोष देवताले ने कहा-” कविता कैसे लिखी जाती है, पूछो इन फनकारों से, नित्य लोहा काटते हैं कागज की तलवारों से।” कृतिकार राजपाल सिंह चावला “राज़” ने अपने सृजन कार्य को गुरु का आशीर्वाद और मां सरस्वती की कृपा बताया। इस अवसर पर एक मुट्ठी आसमान, जिंदगी का खाली जाम हो गया और फैसले गज़लों का पाठ कर समारोह को नई ऊंचाइयां प्रदान की। मुख्य अतिथि शरद जैन ने-” एक मुट्ठी आसमान को स्वयं से जिंदगी का साक्षात्कार बताया।”
समारोह की अध्यक्षता संतोष परिहार ने की, सफल संचालन संदीप शर्मा “निर्मल” ने किया मंच व्यवस्था नंदकिशोर जांगड़े एवं समारोह में पधारे शताधिक साहित्य प्रेमी समाजसेवी और स्नेही बन्धुओं का आभार हरविंदर सिंह चावला “जिम्मी” ने व्यक्त किया ।