
बिस्टान…मनोज मालविया… जिला मुख्यालय खरगोन से 34 किलोमीटर दूर दक्षिण में चित्तौड़ – भुसावल मार्ग पर एवं बिस्टान से 16 किलोमीटर दूर मोहनपुरा के पास जंगल में स्थित झगडी ग्राम में माँ भगवती का अति प्राचीन मंदिर स्थित है परकोटे( किला )के बीच मंदिर कि बनावट पत्थरों से निर्मित है। मंदिर के पास ही प्राचीन बावड़ी भी मौजूद हैं।स्थानीय मान्यताओं के अनुसार राजा मोरध्वज ( कृष्ण – अर्जुन कालिन ) के पुत्र सबल एक युद्ध में हार के पश्चात इस क्षेत्र को सबलगढ़ राज्य के रुप में बसाया और युद्ध में पुनः विजय प्राप्ति के लिए अपनी कुलदेवी माँ भगवती को प्रसन्न करने के लिए महायज्ञ किया।यज्ञ भभुति ( राख )से स्वयंभू माँ भगवती प्रगट हुई। बताते हैं कि राजा सबल की पुत्री का विवाह ओंकारेश्वर के राजा मांदाता के साथ किया। त्रिदेव के साथ सभी देवी देवता विवाह में आऐ थे। जिस नदी में भगवान इंद्र ने स्नान किया, उसका नाम इंद्रावती पड़ गया। जो बिस्टान होते हुए बह रही है।मंदिर से लगभग 7 km. दूर दक्षिण दिशा के घने जंगलों में आज भी राजा सबल के महल के अवशेष और अत्यंत प्राचीन शिव मंदिर देखे जा सकते हैं।