*युवा वक्ता वर्षा मुजाल्दे ने कहा कॉपी-पेस्ट न करें, रिसर्च के द्वारा मौलिक लेखन करने

बड़वानी से रघुनाथ सेन
बड़वानी 18 अक्टूबर /लकीर के फ़कीर इस दुनिया में प्रगति नहीं कर पाते हैं. आज का युग मौलिकता और नवाचार का है. जब भी आप प्रोजेक्ट तैयार करें, असाइंमेंट लिखें, प्रजेंटेशन बनाएं तो कभी भी कॉपी-पेस्ट न करें. अपने विषय पर अच्छे से रिसर्च करें और ज्ञात तथ्यों तथा समंकों के आधार पर अपना विश्लेषण करें. मौलिक लेखन करें. परीक्षाओं में तो अच्छे अंक आयेंगे ही, मौलिकता की यह प्रवृत्ति जीवन के हर क्षेत्र में आपको ऊँचाइयों पर ले जायेगी. ये बातें प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस शहीद भीमा नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बड़वानी के स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित ‘करियर और मौलिकताश् विषय पर आयोजित संवाद में विचार व्यक्त करते हुये युवा वक्ता वर्षा मुजाल्दे ने कहीं। यह आयोजन प्राचार्य डॉ. वीणा सत्य के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ।
पीपीटी और प्रोजेक्ट किये प्रदर्शित
वर्षा मुजाल्दे ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत अपने द्वारा बनाए गए तीन प्रोजेक्ट तथा पावर पॉइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से बताया कि किस तरह रिसर्च कर सकते हैं और कैसे प्रभावी प्रस्तुति कर सकते हैं. संवाद का समन्वय प्रीति गुलवानिया ने किया। सहयोग नागर सिंह डावर और डॉ. मधुसूदन चौबे ने किया।

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Author: jtvbharat