
इंदौर। शैलेन्द श्रीमाल-ब्यूरो चीफ।
पति की लंबी उम्र की कामना के लिए सुहागिनों का पर्व करवा चौथ गत 20 अक्टूबर को मनाया गया।
करवा चौथ व्रत को लेकर इंदौर व उज्जैन सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं में सुबह से ही भारी उत्साह देखा गया । इस व्रत का अधिक महत्व होता है। शास्त्रों के अनुसार यह व्रत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चंद्रोदई व्यापिनी चतुर्थी के दिन मनाया जाता है। यह व्रत सुहागन महिला के लिए खास होता है। इस दिन पति की लंबी उम्र और तरक्की के लिए महिला निर्जला व्रत रखती है। महिलाओं द्वारा पति की दीर्घायु और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए पूजा अर्चना भी की जाती है। मिट्टी या किसी अन्य धातु के करवे में जल भरकर महिलाओं में आपस में कथा सुनने की प्रथा है। पूरे दिन उपवास रखकर रात्रि में चंद्रमा को अघर्य देने के उपरांत पत्नी अपने पति के हाथों से जल पीती है।
अलग-अलग परिवार में अलग-अलग ढंग से इस व्रत को पूरे विधि-विधान से किया जाता है। अधिकतर महिलाएं निराहार रहकर चंद्रोदय की प्रतीक्षा करती है। इसके बाद चंद्रोदय की पूजा अर्चना कर व्रत खोला जाता है। फ़ोटो 01,02