
विद्युत मंडल मेंटेनेंस का बहाना बनाकर विद्युत कटौती करता है, लेकिन वास्तविक मेंटेनेंस कार्य नहीं होता।
विद्युत मंडल द्वारा वर्षा और वर्षा के पूर्व मेंटेनेंस के नाम से कार्य किया जाता और लाईट की कटौती की जाती है । पर अधिकांश स्थानो पर देखने में आता है कि पेड़ों की डालियां विद्युत मंडल के तारों पर देखी जाती है ।
कई स्थानों पर विद्युत मंडल द्वारा लगाई गई डब्बी भी खुली नजर आती है । ऐसे में बड़े घटना होने की संभावना होती है ।
विद्युत मंडल द्वारा लगाई गई डब्बी खुली नजर आती है, तो यह गंभीर सुरक्षा समस्या हो सकती है। इस स्थिति में विद्युत करंट का रिसाव या दुर्घटनाएं होने कि स्थिति बनी रहती है ।
विद्युत मंडल द्वारा मेंटेनेंस के दौरान लाइट बंद की जाती है ताकि काम सुचारू रूप से हो सके। लेकिन कई बार पेड़ों की शाखाएँ तारों के करीब आ जाती हैं, जिससे विद्युत आपूर्ति में बाधा उत्पन्न होती है । ऐसे में, उचित मेंटेनेंस और सफाई की आवश्यकता होती है ताकि भविष्य में कोई समस्या न आए। इस संदर्भ में स्थानीय प्रशासन को भी ध्यान देना चाहिए । मेंटेनेंस का कार्य कहां तक सही हो रहा है ।
वहीं विद्युत मंडल के सहायक यांत्रिक कहना है कि हमारे द्वारा वर्तमान में 11 केवी पर कार्य किया जा रहा है , विद्युत मंडल द्वारा क्षेत्रवार मेंटेनेंस का कार्य किया जा रहा है तो 440 वोल्टेज लाइट के तारों पर कार्य क्यों नहीं किया जा रहा है । विद्युत मंडल द्वारा अधूरा कार्य क्यों किया जा रहा है ।
440 वोल्टेज लाइनों की स्थिति भी महत्वपूर्ण होती है, और इसे समय पर देखना जरूरी है। स्थानीय अधिकारियों को इस पर ध्यान देना चाहिए ताकि दोनों स्तरों पर विद्युत आपूर्ति सुचारू रहे।