
हरीश पंचाल
थांदला:- विगत दिनों कन्या शिक्षा परिसर (मोरझिरी) विकास खंड थांदला का जहां एक मासूम बालिका के हाथ किसी ने पकड़ रखे और इंचार्ज शिक्षिका बालिका को मारते ओर कुछ कहते नजर आ रही यह वीडियो वायरल हुआ था जिसके समाचार इंदौर फर्स्ट एवं संघर्ष से सिद्धि समाचार पत्र में निलंबन नाकाफी है सजा भी हो उसके लिए एफआईआर दर्ज के प्रकाशित किए गए थे।
जिला कलेक्टर नेहा मीना ने संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए जिसके चलते कलेक्टर कार्यालय में जिले के सभी छात्रावासों के अधीक्षकों की कार्य व्यवस्था ओर आगामी व्यवस्था को लेकर मंगवाकर को बैठक बुलाई ओर आवश्यक जानकारी ली।
कन्या छात्रावास (मोरझिरी)की अधीक्षिका श्रीमती मोनिका हटिला के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है।
लेकिन आश्चर्य तो यह कि घटना स्थल का वीडियो जिसने भी किसी के कहने से या स्वयं के विवेक से बनाकर वायरल किया उसके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की न जांच करना उचित समझा जबकि वीडियो बनाकर वायरल करना भी दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।
हालांकि कलेक्टर नेहा मीना के वायरल विडियो संज्ञान में आने के तत्काल बाद प्राचार्य कन्या परिसर थांदला (मोरझिरी)से जांच करवाई ।
कलेक्टर के निर्देशानुसार सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग झाबुआ द्वारा श्रीमती मोनिका हटिला (प्राथमिक शिक्षक)कन्या शिक्षा परिसर थांदला(मोरझिरी) को मासूम बालिका के साथ मारपीट एवं अभद्र व्यवहार किए जाने के फलस्वरूप म. प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील)नियम 1966 के नियम 9(1)(क)के प्रावधानो के निलंबित करते हुए खण्ड शिक्षा कार्यालय रानापुर में नियत किया और अब एफआईआर भी अधीक्षिका के खिलाफ दर्ज करवाई यह कदम प्रशंसनीय है और दोषी के खिलाफ वह भी मासूम बालिका के साथ अमानवीय अत्याचार हुआ होनी चाहिए वहीं वीडियो बनवाने ओर वायरल करने कराने वाले के खिलाफ कार्यवाही होनी चाहिए।