परिवार में 5 सदस्यों की हे 20 से अधिक उंगलिया

राजेश नाहर की विशेष रिपोर्ट
खेतिया/पानसेमल
अक्सर हमारे पूर्वजों से वंशानुगत हमें बहुत कुछ मिलता है, जैसे उनकी तरह नैन-नक्श, कद-काठी, रूप-रंग भी। लेकिन हम एक ऐसे परिवार से मिलवाने जा रहे हैं, जिन्हें वंशानुगत इन सभी विशेषताओं के साथ हाथ पैरों की उंगलीयां अधिक मिली हैं। ये परिवार है पानसेमल के पास ग्राम देवधर का पटेल परिवार,,जहां 5 सदस्य ऐसे हैं, जिनके हाथों और पैरों की उंगलियां 20 से अधिक 21, 23 या फिर 24 हैं।
पानसेमल के ग्राम पंचायत देवधर में इस परिवार में पांच लोगों की उंगलियां 20 से अधिक है। बड़े भाई का नाम विजय शिवदास पटेल जिनकी 23 उंगली, करण की 24 उंगली, गौरी करण पटेल की 21 उंगली, ऋषिका करण पटेल की 21 उंगली और कार्तिक करण पटेल की 21 उंगली है। जबकि सामान्य व्यक्ति की हाथ -पैरों की उंगलियां 20 होती है। पटेल परिवार में ये वंशानुगत है। इन्हें इन उंगलियों से कोई परेशानी भी नहीं है,,,,, लेकिन ये सबसे अजबगजब है कि पीढ़ी दर पीढ़ी ये लगातार उनके परिवार में होता आ रहा है।
परिवार के करण पटेल,बताते है कि परिवार में बड़ो व बच्चों को 20 से अधिक उंगलियां है,,सामान्य तौर पर परेशानी तो नही होती,खेती काम करते है तो कई बार दिक्कत होती है,,सबसे बड़ी दिक्कत होती है चप्पल की,बड़ी मुश्किल ही रहती है।अस्पताल भी दिखाया।
एक्सपर्ट की राय- उंगली का उंगली से जुड़ा होना सिनडेक्टली और उंगली से अलग होने पोलिडेक्टली कहा जाता है। इसका कोई नुकसान नहीं होता। यह अनुवांशिक भी होती है। हां जरूर कुछेक लोग इसके कारण अपने आप में झिझक जरूर रखते हैं, लेकिन ऐसा करने की जरूरत नहीं। इसके अलावा आज कल सर्जरी के माध्यम से इसे निकलवाया भी जा सकता है।

jtvbharat
Author: jtvbharat