खुली माता की बाड़ी, श्रद्धालुओं ने की पूजा अर्चना

धूमधाम से ढोल व चल समारोह के साथ लाए गए माताजी

विशाल बाबा नामदेव

बाग:- नगर सहित क्षेत्र में चैत्र शुक्ल की तीज मंगलवार को माता की बाडियां खुली। इस दौरान श्रद्धालु महिलाओं ने वाड़ी में पहुंचकर माता के ज्वारों का पूजन अर्चना की। निमाड़ ओर मालवा का लोकपर्व गणगौर का नगर में उत्साह चरम पर है।

ज्वारों की बाड़ी खुलते ही तीन दिवसीय गणगौर महापर्व प्रारंभ हुआ। बाड़ी में मां के ज्वारों की पूजा व दर्शन के लिए नगर के श्रद्धालुओं की भीड़ सुबह 5 बजे से उमड़ पड़ी। सिर्वी, माहेश्वरी, बाह्मण समाज सहित नगर मे निवासरत अन्य समाज की सभी महिलाओं ने बड़ी संख्या में नगर परसाई विशाल शरद पांडे के श्री राम मंदिर व सिर्वी मोहल्ला स्थित पवन हनुमान सेन के निवास स्थान पर स्थापित माता की बाड़ी में ज्वारे का
पूजन किया।
मंगलवार तीज के दिन नगर बाग में ज्वारे रूपी माता के प्रतीक को नगर में जिन जिन स्थानों पर माता के रथ स्थापित किए गए हैं। धूमधाम से ढोल व चल समारोह के साथ लाए गए। धनियार राजा यानी भगवान शंकर एवं रनुबाई यानि माता गौरी का विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर भोग लगाया गया।

नगर के सिर्वी समाज के भक्तजनों ने गणगौर माता के 25 से अधिक
रथ एवं माहेश्वरी समाज की महिलाओं द्वारा एक रथ स्थापित किया गया है। विभिन्न समाजों की महिलाओं द्वारा घर-घर जाकर रनुबाई और धनिया राजा को रख झलारिया मंगल गीत गाएं जाएंगे। सुबह से माहेश्वरी मांगलिक भवन में महिलाओं ने सज संवर कर माता की पूजा कर गीत गाए। माहेश्वरी समाज की गणगौर तीज के अवसर पर ज्वारे रूपी माता जी की बाड़ी पर समाज की महिलाओं द्वारा पूजा-अर्चना किया। वहीं समाज की महिलाओं द्वारा सजधज कर आकर्षक वेशभूषा में माहेश्वरी भवन पर स्थित गणगौर माता के रथ को चल समारोह द्वारा माताजी की बाड़ी लाया गया।
फूलपांती के रूप में चल समारोह का समापन माहेश्वरी भवन पर हुआ। माहेश्वरी समाज द्वारा स्थापित गणगौर के रथों को सिद्धेश्वर महादेव मंदिर पर लाया जाकर नगर के सभी गणगौर रथों के साथ सिर पर रख कर महिलाओं द्वारा नृत्य किए जाएंगे व झाले देंगे। फूल पाती चल समारोह में माहेश्वरी समाज की सखी संगठन युवतियां, बहू संगठन की महिलाओं ने विशेष ड्रेस कोड के साथ गणगौर पर्व में उत्साहजनक भागीदारी की‌ गई ।

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Author: jtvbharat