ओल इन्डिया जैन जर्नलिस्ट ऐशोशियेशन के राष्ट्रीय संस्थापक अध्यक्ष हार्दिक हुंडीया ने नीमच जिले में जैन साधुओं पर हुए हमले की कड़ी निदां की

(विनोद सांवला हरवार)

मुम्बई। नीमच जिले में जैन साधुओं पर हमले की शर्मनाक घटना सामने आने से समग्र जैन समाज में आक्रोश और दुःख की लहर है। ओल इन्डिया जैन जर्नलिस्ट ऐशोशियेशन के राष्ट्रीय संस्थापक अध्यक्ष हार्दिक हुंडिया ने इस घटना की कड़ी आलोचना करते हुए कहा है की हम सब को संयम , तप और अंहीषा का मार्ग प्रशस्त करने वाले हमारे आदरणीय गुरु भगवंतों पर इस तरह जानलेवा हमला होना बड़ा ही गंभीर कृत्य है। हमारे जैन संतों की रक्षा करना हम सब का परम कर्तव्य है जिसको हम क़हीं ना कहीं चुक रहे हैं।
यह घटना कुछ इस तरह घटीत हुई है।
नीमच जिले के सिंगोली थाना क्षेत्र में तीन जैन मुनियों पर छह बदमाशों ने हमला कर दिया। जैन मुनि विश्राम करने रविवार रात सिंगोली मार्ग स्थित हनुमान मंदिर में रुके थे। रात करीब 12 बजे आरोपियों ने लूट के इरादे से लाठी और धारदार हथियार से हमला किया। घटना के बाद दो बदमाशों को तो लोगों ने मौके पर ही पकड़ लिया। हमले में घायल मुनियों ने इस अवस्था में भी धर्म का पालन करते हुए अस्पताल जाने से इनकार कर दिया, जिसके बाद सभी को जैन स्थानक भवन में रखा गया है। घटना के बाद जैन समाज की ओर से नगर बंद का आह्वान किया गया है। वहीं पुलिस ने 6 आरोपियों को हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि आरोपी राजस्थान के चित्तौड़गढ़ के रहने वाले हैं।
शराब पीने के बाद की मारपीट
जैन संत शैलेष मुनि जी, बलभद्र मुनि जी और मुनींद्र मुनि जी विहार पर हैं। वे सिंगोली से नीमच जा रहे थे। रविवार-सोमवार की रात वे कछला गांव के पास हनुमान मंदिर में विश्राम के लिए रुके थे। इसी दौरान तीन बाइक से कुछ बदमाश वहां पहुंचे। पहले उन्होंने मंदिर के सामने बैठकर शराब पी। उन्हें जैन मुनि दिखे तो मंदिर में जाकर उनसे रुपए रुपए मांगने लगे। जब मुनियों ने मना किया, तो मारपीट शुरू कर दी। जान बचाने के लिए एक जैन मुनि सड़क की ओर भागे। उन्होंने रास्ते से गुजर रहे बाइक सवार से मदद मांगी। उससे समाज के लोगों को फोन करने के लिए कहा। बाइक सवार ने जैन समाज के कुछ लोगों को फोन किया। सूचना पर कछला गांव के लोग भी आ गए। लोगों को आता देख चार बदमाश भाग निकले, जबकि दो को लोगों ने पकड़ लिया। थोड़ी देर में पुलिस भी पहुंच गई।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे
घायल जैन मुनियों को जैन परंपरा के अनुसार रात में इलाज नहीं किया जाता, इसलिए घायल मुनियों ने रात में दवा नहीं ली। इलाज नहीं करवाने पर भी वे अड़े रहे। सोमवार सुबह जैन स्थानक भवन में इलाज शुरू किया गया। बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।
हार्दिक हुंडिया ने कहा की आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई हो-
जैन धर्म के लिए हमेशा सकारात्मक अभिगम रखने वाले धर्मप्रेमी हार्दिक हुंडीया धर्म की रक्षा और गुरु भगवंतों कि वैयावच्च के लिए जागृत रहते हैं। इस तरह के गंभीर कृत्य पर उन्होंने प्रसाशन से अनुरोध किया है की आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले ।
जैन समाज शांति प्रिय समाज है। उनके गुरु भगवंतों का आदर हो, सम्मान हो और रक्षा के लिए समाज हमेशा जागृत रहता है।
ऐसे समय में साधु ओं पर हिसंक हमला होना निंदनीय है। उन्होंने समस्त जैन समाज को एकसाथ जुड़कर इस गंभीर घटना पर कठोर कार्रवाई हो। और एक जुट होकर भविष्य में इस तरह की घटनाएं ना हो उसके लिए भी ठोस कदम उठाने कि मांग कि है।

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Author: jtvbharat