
अजय बचले की रिपोर्ट
आमला। जिले में औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। एक जिला, एक औषधीय उत्पाद योजना के तहत बुधवार को आमला सिविल अस्पताल में स्व सहायता समूह की महिलाओं को अश्वगंधा की खेती का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण आयुष विभाग की दिवारणय योजनांतर्गत खेती के बारे में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया आयुष विभाग के डॉक्टर ने स्व सहायता समूहों से किसानों को अश्वगंधा की खेती के लिए प्रेरित करने को कहा, इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष गणेश यादव, बीएमओ डॉ॰ अशोक नखरे, प्रबंधक राज्य ग्रामीण अजीविका मिशन पंकज अग्रवाल एवं स्वसहायता समूह के सदस्य एवं आयुष विभाग के डॉक्टर उपस्थित थे।
प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु:
खेती:
अश्वगंधा की खेती के लिए उपयुक्त भूमि और जलवायु, बुवाई का समय, बीज की मात्रा, खाद और सिंचाई की जानकारी दी गई है.
संग्रहण:
अश्वगंधा की फसल को कब और कैसे इकट्ठा करना है, इसकी जानकारी दी गई है.
भंडारण:
अश्वगंधा के भंडारण के लिए उपयुक्त जगह और तरीके बताए गए हैं.
प्रसंस्करण:
अश्वगंधा को कैसे संसाधित किया जाता है, इसकी जानकारी दी गई है.
विपणन:
अश्वगंधा के उत्पादों को कैसे बेचा जाता है, इसकी जानकारी दी गई है.
प्रशिक्षण का उद्देश्य:
इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य किसानों को अश्वगंधा की खेती के बारे में जानकारी देना और उन्हें इसकी खेती करने के लिए प्रेरित करना है। इससे किसानों को एक वैकल्पिक आय का स्रोत मिलेगा और वे अपनी आजीविका बेहतर कर सकेंगे.