मंदिर ट्रस्ट भूमि पर प्रशासन की मिलीभगत से रसुखदारों की व्यवसायीकरण का अड्डा बना उन्हेल बस स्टैंड,

_जनहित में पूर्व परिषद ने मदन मोहन ट्रस्ट की जमीन को उपयोग करने के लिए ली थी वर्तमान में नपं राजस्व अधिकारीयों के संरक्षण में दुकानों का हो रहा निर्माण,
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कलेक्टर ने 6 बिंदुओं की शर्त पर दी थी भूमि उन्हीं के विभाग द्वारा आदेश की हवेला ,
नितेश वर्मा
उन्हेल:- मंदिर भूमि को बचाने के लिए सरकार जहां आए कानून बनाकर भूमाफियाओं को पाबंध करने का काम कर रही है वहीं दूसरी और मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र उन्हेल नगर में राजस्व व नगर परिषद विभाग अधिकारियों सरकार के नियमों और कानून को शूली पर चढ़ा कर रसुखदारों की चांदी कुटने में भरपूर मदद कर रहे हैं वैसे तो नगर क्षेत्र की दर्जनों चरनोई भुमि कि आवेदन शिकायत पड़ी है फिर भी जोन 15 नं न्यू बस स्टैंड चर्चा का विषय बना हुआ है आपको बता दे की नागदा जावरा स्टेट हाईवे 17 स्थित में बस स्टैंड पर धड़ल्ले से मंदिर माफी भुमि पर जोरों शोरों से अवैध निर्माण चल रहा है जिसकी शिकायत क्षेत्र के आमजन ने कलेक्टर जनसुनवाई से लेकर एसडीएम तक की है लेकिन प्रशासन टस से मस होने का नाम नहीं ले रहा है शिकायतकर्ताओं के अनुसार बताया की स्थित नगर परिषद उन्हेंल अंतर्गत सर्वे नंबर 1944 .1946.1947./2 सहित 1947/1 कुल भूमि रकबा 0.533 को अस्थाई बस स्टैंड को उपयोग करने के लिया गया था जहां अब मंदिर की जमीन पर अवैध निर्माण को अंजाम दिया जा रहा है सूत्रों बताते हैं कि लाखों रुपए का इस मामले में सत्ताधारी राजनेता द्वारा खेल खेला जा रहा है और आमजन को गुमराह कर रहे जिसमें प्रशासनिक अधिकारीयों का भी संरक्षण दिया जा रहा है ऐसा मानना है जहां नियम कायदे की बात करने वाला प्रशासन खुलेआम शतऺ का उल्लघंन किया जा रहा है और दूसरी और राजनेताओं के इशारों पर बस स्टैंड पर दिन रात काफी तेजी से दुकानों बनाने का कार्य चल रहा है लेकिन नगर परिषद व राजस्व अधिकारी रटा रटाया जवाब देते हैं कि आपके द्वारा मामला संज्ञान में आया है हम दिखाते हैं लेकिन सवाल यह खड़े होते हैं कि विभागीय अधिकारियों सुबह से लेकर शाम तक जिस क्षेत्र में स्थानीय निवास की कुछ दूरियों पर अवैध दुकानों का निर्माण हो रहा है आना जाना होता रहता है लेकिन जिम्मेदारों मामले को अनदेखा कर रहे हैं
बस स्टैंड के अस्थाई संचालन हेतु नियम शर्तों पर अनुमति प्रदान की गई थी
1. उक्त भूमि के स्वामित्व में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है अर्थात भूमि पर स्वामित्व पूर्व अनुसार रहेगा
2. उक्त भूमि पर किसी प्रकार का वाणिज्यिक उपयोग नहीं किया जावेगा
3. भविष्य में शासन को यदि उक्त भूमि की आवश्यकता होने पर बिना किसी मुआवजे के वापस करना होगी
4. स्थानीय निकाय नगर परिषद उन्हेल को उक्त शर्तों के पालन में अनुबंध पत्र तैयार कर प्रस्तुत करना होगा
5. भविष्य में उपयुक्त स्थान मिलने पर बस स्टैंड अन्यत्र स्थानांतरित किया जाएगा
6. अनुमति प्रदत्त भूमि का उद्देश्य परिवर्तन होने या शर्तों का उल्लघंन होने पर यह अनुमति निरस्त मानीं जावेगी, इन 6 बिंदुओं कि शतऺ का उल्लघंन किया जा रहा है
इनका कहना है
आपके द्वारा मामला संज्ञान में आया था मैं इस मामले को दिखाकर कार्रवाई करेंगे
रामविलास वाक्तलीया तहसीलदार उन्हेल,

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Author: jtvbharat