शातिर वाहन चोर छोटी खरगोन के चार आरोपियों आए पुलिस की गिरफ्त में

रविन्द्र खाण्डेकर
मंडलेश्वर (नि प्र ) मंडलेश्वर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए ट्रैक्टर और मोटरसाइकिल चोरी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह के चार शातिर सदस्यों को धर दबोचा है। आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया 2.5 लाख रुपये का एक ट्रैक्टर, चोरी की वारदातों में इस्तेमाल की गई 50 हजार रुपये की एक स्कूटी और विभिन्न स्थानों से चुराई गई चार अन्य मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं, जिनकी अनुमानित कीमत दो लाख रुपये है। इस गिरोह के खुलासे से क्षेत्र में वाहन चोरी की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगने की संभावना है। खरगोन पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीना ने इस सफलता पर मंडलेश्वर पुलिस टीम को बधाई दी है। उन्होंने बताया कि जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों पर लगाम लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत यह महत्वपूर्ण सफलता मिली है।

ऐसे हुआ मामले का खुलासा

गत 21 अप्रैल को छोटी खरगोन निवासी एक पीड़ित ने मंडलेश्वर थाने में अपनी आपबीती सुनाई थी। उन्होंने बताया कि पाटीदार धर्मशाला के सामने बने खले से उनकी कीमती जान डियर कंपनी का हरे रंग का ट्रैक्टर (क्रमांक MP10AC0128) रहस्यमय परिस्थितियों में गायब हो गया है। पीड़ित की रिपोर्ट पर तत्काल कार्रवाई करते हुए मंडलेश्वर थाना पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। एसडीओपी मंडलेश्वर मनोहर सिंह गवली और थाना प्रभारी उनि दीपक यादव के नेतृत्व में गठित विशेष पुलिस टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित और वैज्ञानिक तरीके से जांच शुरू की। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को बारीकी से खंगाला गया और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। पुलिस की अथक मेहनत रंग लाई और उन्हें महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे।
जांच के दौरान पुलिस को विश्वसनीय सूत्रों से सूचना मिली कि छोटी खरगोन के ही रहने वाले कुछ युवक इस चोरी में शामिल हो सकते हैं। मुखबिर की सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने छोटी खरगोन में दबिश दी और चार संदिग्ध युवकों – हिमांशु पिता इंदरसिंह चौहान, संदीप पिता बापूसिंह चौहान, यीशु पिता सरदार भूरिया और सचिन पिता मानसिंह दूधले को हिरासत में ले लिया। थाने में गहन पूछताछ के दौरान आरोपियों ने न केवल ट्रैक्टर चोरी की वारदात को कबूल किया, बल्कि यह भी बताया कि वे पहले भी महेश्वर और मंडलेश्वर क्षेत्र से चार अन्य मोटरसाइकिलें चुरा चुके हैं। आरोपियों ने चुराई गई मोटरसाइकिलें पवन पिता रेवाराम करोल नामक व्यक्ति को बेचना स्वीकार किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपियों की निशानदेही पर चोरी किए गए ट्रैक्टर, स्कूटी और चारों मोटरसाइकिलों को बरामद कर लिया। पुलिस ने पवन करोल को भी धारा 35(3) 106 बीएनएसएस एवं 303 (2) बीएनएस के तहत आरोपी बनाया है। सभी आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका:

इस महत्वपूर्ण सफलता में अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) मंडलेश्वर श्री मनोहरसिंह गवली के कुशल मार्गदर्शन और थाना प्रभारी मंडलेश्वर उनि दीपक यादव के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक रविंद्र पटेल, प्रधान रक्षक संजय यादव, आरक्षक अनुराग तोमर, आरक्षक अमित पाल, आरक्षक भगवान, आरक्षक विजय, आरक्षक मनोज, प्रधान आरक्षक दिनेश रोमेड, संतोष बनडे और साइबर सेल टीम ने सराहनीय योगदान दिया। उनकी तत्परता और पेशेवर जांच के चलते ही इस संगठित गिरोह का पर्दाफाश हो सका।

jtvbharat
Author: jtvbharat