पेटलावद में गोपालक दूध देने तक गौमाता को घर में देते है पनाह,दूध देना बंद करते ही दिखाते बाहर का रास्ता

आवारा पशुओं से चलते राहगीरों ओर बच्चे बूढों की जान का खतरा बना रहता
संवाददाता = धर्मेश सोनी

पेटलावद:- शहर के गली मोहल्ले में आवारा पशुओं की समस्या गंभीर होती जा रही है नगर परिषद समस्या को लेकर अभी भी गंभीर नहीं है सड़कों पर आवारा पशुओं के झुंड से न केवल हादसों का डर बना है अपितु कई बार यह पशु हिसक भी हो चुके हैं शहर में आवारा पशुओं की समस्या पिछले कई वर्ष से गंभीर बनी है सड़कों पर घूमते गौवंश की समस्या का हल ही पशुपालक है जिन्हें सख्ती के साथ गायों को अपने घर में रखने पर मजबूर किया जाए गाय को माता भी कहते हैं लेकिन जैसे ही दूध देना बंद करती है तो सड़कों पर छोड़ देते हैं इसे मवेशी खुद चोटिल होते हैं तो लोग भी घायल होते हैं गोशाला तो उस गोवंश के लिए होना चाहिए जो असहाय बीमार हो किंतु वहां पर ये आवारा पशुओं को छोडदेते है
इस दिशा में प्रशासन पशुपालकों पर सख्त कार्यवाही करें तो सड़कों पर गोवंश की समस्या खत्म हो सकती है इसके लिए नगर के कांजी हाउस को सुचारू संचालित करना होगा जिसमे आवारा पशुओं को उस कांजी हाउस में रखे एवम पशुपालको द्वारा छुड़वाने आने पर नगरपरिषद द्वारा कठोर कार्यवाही कर समझाइश दी जावे ।
गुरुवार को भी पेटलावद बामनिया रोड पर पेट्रोल पंप के पास कूड़ा कचरा प्लास्टिक सड़ा गला खाना खा कर मौत का इंतजार कर रही गौ माता को गौरक्षक पंकज पुरोहित व बजरंग दल की टीम द्वारा डॉ सुरेंद्र खराड़ी को बुलवाया व गौ माता का इलाज करवाया गया डॉक्टर के द्वारा बताया गया कि प्लास्टिक खाने से पेट में बनी गैस पास नहीं होने से रात्रि में गाय की मृत्यु हो गई।

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Author: jtvbharat