
नकली पुलिस बनकर की 48 हजार की लुट गए जेल
धर्मेश सोनी
पेटलावद:- पेटलावद तहसील अंतर्गत सारंगी पुलिस चौकी में एक चौंकाने वाला मामला आया है।
चार बदमाशों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर एक वाहन चालक से चाकू की नोक पर डरा धमका कर 48 हजार रुपए खाते में डलवा लिए ।
घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया ओर दो आरोपी फरार हैं।
यह मामला 19 मई का है और पुलिस ने भी घटना संज्ञान में आते ही त्वरित कार्यवाही को अंजाम दिया।
घटना का विवरण
जानकारी अनुसार फरियादी सुखराम पिता थावरिया गामड़ निवासी ग्राम मोगरी अपनी पिकअप वाहन में जलाऊ लकड़ी भरकर कहीं जा रहे थे। जैसे ही वह सारंगी चौकी क्षेत्र के पास पहुंचे, तभी चार अज्ञात बदमाशों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया। बदमाशों ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए चाकू दिखाया और पिकअप की चाबी तथा मोबाइल फोन छीन लिया। उन्होंने सुखराम को धमकाते हुए कहा कि वाहन में लकड़ी अवैध रूप से ले जाई जा रही है और अगर उन्होंने सहयोग नहीं किया तो वाहन जब्त कर कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
कार्यवाही के डरे सुखराम को बदमाशों ने मोबाइल फोन से 48,001 रुपये की राशि ऑनलाइन ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया। इसके बाद वे घटनास्थल से फरार हो गए। घटना के बाद सुखराम ने नजदीकी पुलिस चौकी सारंगी में पहुंचकर मामला दर्ज कराया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बदमाश गिरफ्तार
घटना की सूचना मिलते ही सारंगी पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस चौकी प्रभारी दीपक देवरे के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई जिसने जांच शुरू की। फरियादी से मिले विवरण और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने जल्द ही आरोपियों की पहचान करते हुए आरोपियों का पता लगाया ।
एसपी पद्मविलोचन शुक्ल, एडिशनल एसपी पी.एल. कुर्वे और एसडीओपी कमलेश शर्मा के निर्देशन में थाना प्रभारी पेटलावद निर्भयसिंह भूरिया और उनकी टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए सूचना तंत्र से मिली जानकारी अनुसार दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में 1.मनीष पिता आनंदीलाल शर्मा उम्र 24 वर्ष, निवासी बनी रायपुरिया,
2.जसू उर्फ जसवंत पिता रमेश भाबर उम्र 18 वर्ष, निवासी बनी रायपुरिया
इनके पास से चाकूनुमा छुरा बरामद किया गया है, जिसे वारदात में प्रयोग किया गया था। दोनों आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
घटना में शामिल दो अन्य आरोपी भारत डामर एवं अजमेर ताड़ जो फरार है उनकी पतारसी की जा रही है जो शीघ्र गिरफ्तार कर लिए जाएंगे।
पुलिस ने BNS की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत कर आरोपियों को रिमांड पर लिया है ताकि उनसे आगे की पूछताछ की जा सके और इनके गिरोह ओर इनके द्वारा कोई ओर घटना तो कारीत नहीं की है कि पूरी जानकारी प्राप्त की जा सके। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि ये किसी बड़े गिरोह से संबंध तो नहीं हैं।
पुलिस की सतर्कता से अपराधियों पर लगाम
इस पूरे मामले में पुलिस की तत्परता और सक्रियता से नागरिकों में खुशी का माहौल है और पुलिस की मुस्तैदी से की गई कार्यवाही की प्रशंसा की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक पद्म विलोचन शुक्ला का कहना है कि आम जनता को भी जागरूक रहने की आवश्यकता है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देनी चाहिए साथ ही
आमजन से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति खुद को पुलिसकर्मी बताकर किसी प्रकार की मांग करे या धमकाए, तो तुरंत नजदीकी थाने में शिकायत करें। असली पुलिस किसी भी नागरिक से इस तरह की जबरन उगाही नहीं करती। यदि पुलिस को किसी कार्रवाई की आवश्यकता होती है, तो वे वर्दी में, पहचान पत्र के साथ और उचित प्रक्रिया के तहत ही कार्य करते हैं।