तिलावद के दो युवा जामुन खाने का कहकर निकले

कालीसिंध नदी में नहाने पर गहरे गढ्ढे में डूबने से मौत

रात 8.30 बजे निकाले जा सके दोनों के शव, सुबह पीएम के बाद हुआ अंतिम संस्कार
पियूष कलोसिया
उज्जैन:- तराना थाना क्षेत्र के तिलावद गांव के दो दोस्त अपने घर पर जामुन खाने का बताकर निकले थे। गांव के पास ही कालीसिंध नदी में डूबने से मौत उनकी मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि नदी के बाहर उनके कपड़े ओर मोबाइल रखा मिला इससे अनुमान है कि वह नहाने के लिए नदी में उतरे थे होंगे लेकिन उनको यह पता नहीं होगा कि नदी के बीच में गहरा गड्ढा है इससे वे गहरे पानी में चले गए और डूब गए । जानकारी अनुसार गांव के किसी व्यक्ति ने नदी पर उनके कपड़े मोबाइल इत्यादि सामान देखकर गांव में फोन लगाया ओर नदी के अंदर से उनको निकालने के प्रयास किए गए।रात में दोनों युवकों के शव निकालकर पोस्टमार्टम के लिए तराना के अस्पताल पहुंचाए गए । रात्रि होने से उनका पीएम नहीं हो सका जो शनिवार सुबह पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए।

जानकारी के मुताबिक 17 वर्षीय लकी उर्फ लोकेंद्र पिता श्याम सिंह राजपूत और रोहित पिता शंकर सिंह राजपूत (18) दोनों निवासी बड़ी तिलावत दोस्त थे। शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे दोनों जामुन खाने का कहकर घर से निकले थे। इस दौरान वह छोटी कालीसिंध नदी में नहाने के लिए पहुंच गए। यहां दोनों गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। लोग मदद के लिए पहुंचते उससे पहले ही दोनों डूब चुके थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने रात करीब 8.30 बजे मशक्कत के बाद दोनों के शव नदी से बाहर निकलवाए। तराना थाने के जांच अधिकारी अलबेला खाका ने बताया कि शनिवार सुबह तराना के अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए।

परिवार पर टूटा गमों का पहाड़
दोनों दोस्तों की मौत से उनके परिवार पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा है। कई सपने देखे थे। जिन्हें पूरा करने का जिम्मा रोहित और लकी के कंधों पर था लेकिन असमय हुई उनकी मौत ने परिवार को तोड़ कर रख दिया है। शनिवार सुबह जब अंतिम संस्कार हुआ तो सभी की आंखें नम हो गईं।
12वीं का होनहार छात्र था रोहित मृतक रोहित के परिजनों ने बताया कि वह कक्षा 12 वीं का स्टूडेंट था। घर में मां हैं जो मजदूरी करती हैं, जबकि उसके पिता की दो साल पहले इसी तरह से डूबने से मौत हुई थी। मृतक रोहित की बड़ी बहन और एक छोटा भाई है। वह बड़ी तिलावत में अपने मामा के पास रहते है।

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Author: jtvbharat