
मुख्यमंत्री सहित कई बड़े नेताओ ने अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त की..
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राजेश लोधी (गोलू)/ इंदौर फर्स्ट समाचार पत्र
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अशोकनगर – पन्ना टाइगर रिजर्व की शान कही जाने वाली हथिनी वत्सला ने पन्ना रिजर्व के हिनौता रेंज स्थित हाथी कैंप में दोपहर करीब 1:30 बजे अंतिम सांस ली सबसे उम्र दराज होने के कारण वत्सला हथिनी से काम नहीं लिया जाता था. इसे महावतों की देखरेख एवं वन्य प्राणी चिकित्सक की निगरानी में रखा जाता था. कुछ दिन पूर्व हथिनी पास स्थित नाले में गिर गई थी. जिससे वह चोटिल हो गई थी. जिसके बाद उसका इलाज चल रहा था. इसके अलावा उसे मोतियाबिंद की भी शिकायत थी. जिससे उसे कम दिखने लगा था. इसलिए उसकी दवाइयां एवं विशेष आहार जैसी दलिया-फ्रूट समय पर दिया जाता था. साथ वत्सला को बहुत दूर घूमाने के लिए भी नहीं ले जाया जाता था. उसका विशेष ध्यान रखा जाता था.
वत्सला हथिनी को 1971 में केरल के नीलांबुर फॉरेस्ट से होशंगाबाद के बोरी अभ्यारण्य लाया गया था. जब उसकी उम्र 50 वर्ष थी. साल 1993 में होशंगाबाद के बोरी अभ्यारण से पन्ना टाइगर रिजर्व लाया गया था. जब से यह हथिनी पन्ना टाइगर रिजर्व में ही निवास कर रही थी. इसे दुनिया की सबसे उम्र दराज हथिनी कहा जाता है. इसकी उम्र 100 वर्ष से अधिक बताई जा रही है.