
पंकज गोस्वामी
राणापुर:-नगर परिषद रानापुर के अध्यक्ष ओर अधिकारी के साथ चुनिंदा पार्षद गांव में ढिंढोरा पीट रहे थे कि गांव में कोई आवारा पशु नहीं दिखेगा और दिखा तो पकड़ कर जुर्माना वसूला जाकर हिदायत दी जाएगी कि अब दोबारा अपने पालतू पशु को नहीं छोड़े ओर बुधवार को नगर परिषद की नौटंकी देखने को मिली जब 18 आवारा पशु पकड़े ओर 6 की रसीद जारी की ओर 12 पशुओं को मोहन खेड़ा गौशाला में छोड़ दिया ।
नगर परिषद सीएमओ श्री शर्मा से गुरुवार को हमारे प्रतिनिधि के माध्यम से चर्चा की तो बताया कि आवारा पशुओं को पकड़ने की मुहिम सप्ताह भर चलेगी याने गुरुवार को भी पकड़ना बताया लेकिन हकीकत यह की नगर परिषद ने गुरुवार को कोई भी आवारा पशुओं को नहीं पकड़ा नगर में आवारा पशु विभिन्न स्थानों पर बैठे दिखाई दिए जिसका फोटो प्रदर्शित है।
नगर परिषद नगर विकास कार्य नहीं करते हुए लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश करती रहती है कभी नर्मदा जल तो कभी अमृत 02 जबकि नगर की मुख्य समस्या बस स्टैंड से तालाब वाला रोड जो आज भी अधूरा पड़ा ओर पुलिया खंडहर में तब्दील हो रही वह कार्य भी नगर परिषद के अध्यक्ष की आपत्ति के कारण रुका हुआ है और किसी भी दिन उस रोड ओर भयानक हादसा होने का अंदेशा बना हुआ है वही बस स्टैण्ड के पास यात्री प्रतीक्षालय के सामने एक एक दुकानदार ने दो से अधिक दुकानें लगाकर कब्जा कर अतिक्रमण किया है जिससे कभी भी कोई दुर्घटना हो सकती है लेकिन नगर परिषद अतिक्रमण हटाने का दावा तो करती पर कुछ करती नहीं है।
नगर परिषद के कुछ पार्षद बस व्हाट्सएप पर अपनी काबिलियत दिखाने में लगे उनको नगर की समस्या ओर विकास से कोई लेना देना नहीं बस बिजली चालू ओर गटर साफ कहने से कुछ अधिक लिखना आता भी नहीं यह हमारा मानना है जबकि जनता ने इनको विकास के नाम पर वोट दिए ओर यह सब क्या कर रहे है जनता की नजर में है ओर इनको देखकर जनता ठगी सी देखती रहती है।