
रामेश्वर सोनी डही :- डही ब्लॉक में समर्थन संस्था द्वारा संचालित गतिविधियों का अवलोकन करने 14 जिलों के 2020-21 बैच के डिप्टी कलेक्टर्स पहुँचे। इस एक्सपोज़र विजिट का उद्देश्य अधिकारियों को रिजनरेटिव फार्मिंग, जल संरक्षण और पौधारोपण जैसे सतत विकास मॉडल से परिचित कराना था।
संस्था के प्रतिनिधि ऋषिराज पुरोहित ने जानकारी दी कि यह भ्रमण डिप्टी कलेक्टर्स के इंडक्शन कार्यक्रम का हिस्सा रहा। अधिकारियों ने आर.पी.एल.सी. और एच.बी.एफ. कार्यक्रम अंतर्गत अतरसुंबा गाँव में छाया दीदी और उनकी साथी महिलाओं द्वारा संचालित बायो इनपुट रिसोर्स सेंटर का निरीक्षण किया। इस मॉडल से किसानों की लागत में कमी और शुद्ध आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। खेत स्तर पर महिलाओं द्वारा किए जा रहे नवाचार और मेहनत की भी अधिकारियों ने सराहना की।
इसके बाद अधिकारियों ने नरझली ग्राम में मिर्च की खेती के डेमो प्लॉट का निरीक्षण किया। यहाँ किसानों ने लाईट ट्रैप, डेल्टा ट्रैप, पंच पत्ती अर्क, नीमौली अर्क, वेस्ट डीकम्पोज़र, कंडा टोनिक, पुष्पा फायर और पुष्पा फ्लावर जैसे जैविक उपायों का उपयोग कर रासायनिक लागत को लगभग 60 प्रतिशत तक कम कर दिया है। किसानों ने इस पद्धति को आगे भी जारी रखने की सहमति जताई।
इसी क्रम में कन्वर्जेन्स मॉडल के तहत बनाए गए चेक डेम का भी निरीक्षण किया गया। किसानो द्वारा अधिकारियों को इसे तकनीकी दृष्टि से व्यवहारिक और उत्तम डिज़ाइन का उदाहरण बताया।
भ्रमण के दौरान जनपद पंचायत डही के सीईओ सहित स्थानीय अधिकारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन कुक्षी एसडीएम श्री विशाल धाकड़ की अध्यक्षता में हुआ, जहाँ डिप्टी कलेक्टर्स ने अपने अनुभव साझा करते हुए समर्थन संस्था की पहल को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सतत कृषि के लिए एक अच्छा मॉडल बताया।