खरगोन बायपास सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार का खुला खेल!

  • नियमों को ताक पर रखकर मुरुम खदान का दोहन
  • हादसे में पिता-पुत्री की मौत के बाद भी नहीं टूटी अफसरों की नींदकल्पेश सोनी ( राजू) –खरगोन। खरगोन बायपास सड़क निर्माण का जिम्मा संभाल रही ए. के. शिवहरे इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रा. लि. कंपनी नियम-कायदों को ताक पर रखकर खनिज विभाग की मुरम खदानों का मनमाना दोहन कर रही है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि शिकायत दर्ज हुए पूरे दो महीने बीत जाने के बाद भी जिम्मेदार अफसर जांच शुरू करने की बजाय चुप्पी साधे बैठे हैं।

    मिलीभगत का खेल! खनिज विभाग पर आरोप है कि उसने कंपनी द्वारा खदानों के अवैध व अनियमित उपयोग की सही जानकारी ही एसडीएम को उपलब्ध नहीं करवाई। इधर एसडीएम कसारावद जांच न होने का ठीकरा खनिज विभाग पर फोड़ रहे हैं। सवाल उठता है कि दोनों विभागों की यह ढिलाई भ्रष्टाचार और मिलीभगत का हिस्सा है या फिर किसी “ऊपर” के दबाव में कंपनी को बचाने का खेल चल रहा है?

    लापरवाही की पराकाष्ठा – मौत के बाद भी खामोशी! घटिया निर्माण और नियम विरुद्ध खनन के चलते हाल ही में सड़क हादसे में पिता-पुत्री की दर्दनाक मौत हो चुकी है। इसके बाद पूरे जिले में गुस्सा भड़का, लेकिन अफसरों और नेताओं पर कोई फर्क नहीं पड़ा। न कंपनी पर पेनाल्टी, न ही जिम्मेदारों पर कार्रवाई — सबकुछ फाइलों और बहानों के ढेर तले दबा दिया गया।

    जनता के मन में सवाल…आखिर किसकी सरपरस्ती में कंपनी कानून तोड़ रही है?
    अफसरों की चुप्पी क्या रिश्वत और राजनीतिक दबाव का नतीजा है?
    जब मौत के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही, तो क्या आम जनता की जान की कोई कीमत नहीं बची?

    जनता की मांग – सख्त जांच और मुकदमा दर्ज हो! जनता खुलेआम सवाल कर रही है कि आखिर कब तक सड़क निर्माण में इस तरह का खेल चलता रहेगा? अब वक्त आ गया है कि लापरवाह अधिकारियों और कंपनी पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई हो। दोषियों पर प्रकरण दर्ज कर जेल भेजा जाए, ताकि भविष्य में और अनमोल जानें इस भ्रष्ट तंत्र की भेंट न चढ़ें।

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Author: jtvbharat