
संवाददाता- वैभव जाधव
आम्बुआ:- गर्मियों की शुरुआत के साथ शहर सहित ग्रामीण अंचलों में मिट्टी के बर्तनों की मांग होने लगी है,इन बर्तनों में से मुख्य देशी फ्रिज यानि मटका है, जिसे ठंडे पानी के लिए अधिकांश लोग अपने घरों में उपयोग करते हैं. ग्रीष्म काल को देखते हुए शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में मटका की खरीद शुरू हो चुकी है, आधुनिक दौर में लोगों को आकर्षित करने के लिए मटको को भी विभिन्न प्रकार से डिजाइन किया गया है,जो ठंडा पानी करने के साथ ही घर की शोभा भी बढ़ा सके,बर्तनों को बनाने वाले कुम्हारों का कहना है कि परंपरागत वस्तुओं का अपनी जगह अलग महत्व होता है और इनका कभी क्रेज खत्म नहीं हो सकता है,अब इन बर्तनों को समय की मांग के अनुसार डिजाइन किया जा रहा है, हालांकि महंगाई के चलते इन बर्तनों की कीमत भी बढ़ी है,
मटका विक्रेता जितेंद्र गोयल ने बताया कि संसाधन चाहे जितना भी विकसित हो लेकिन परंपरागत वस्तुओं का उपयोग और महत्व कभी भी कम नहीं होता है,गर्मी की शुरुआत के साथ मिट्टी के मटके और सुराही की दुकानें बिक्री के लिए तैयार है. ग्रामीण क्षेत्रों सहित शहर के लोगों द्वारा मिट्टी के बर्तनों में मटके की खूब खरीदारी की जा रही हैं मिट्टी पर महंगाई बढ़ने के साथ-साथ इनकी कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है. लोगो की मांग को देखते हुए साधारण मटकों के साथ अब अलग स्टाइल और डिजाइन वाले मटके बनाए गए हैं,टोंटी वाले और कैंफर जैसे आकार वाले घड़े उपलब्ध है, मटके की कीमत 100 रुपए से लेकर 500 रूपए तक है