सोसाइटी ऋण बकाया नहीं होने पर भी काटी जा रही भुगतान बिल से आधी राशि

समिति व बैंक की लापारवाही का खामियाजा भुगत रहे किसान

संतोष शर्मा बैरसिया– इन दिनों मध्यप्रदेश में सरकारी समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी का कार्य किया जा रहा है। लेकिन सहकारी समितियों, कोऑपरेटिव बैंक की लापारवाही से किसानों की उपज के भुगतान बिल से बकाया नहीं होने पर भी फसल की आधी राशि काटी जा रही है। जिससे किसानों पर संकट गहरा गया। ऐसा ही एक मामला राजधानी भोपाल के बैरसिया में सामने आया जहा ग्राम खजूरिया रामदास के किसान सौदान सिंह दांगी के गेंहू भुगतान के बिल से बकाया नहीं होने पर भी आधी राशि कट गई। किसान ने बताया कि उन्होंने प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति बैरसिया में बीते 15 मार्च 2024 को अपने फ़सल ऋण की पूर्ण राशि 92457 रुपए जमा किए गए थे। लेकिन इसके बावजूद भी जब किसान ने 3 अप्रैल को अपना गेंहू 55.5 कुंटल सरकारी समर्थन मूल्य पर विक्रय किया और जब भुगतान का बिल मिला तो 63131 रुपये सोसाइटी ऋण वसूली के नाम पर काट लिए गए। अब ऐसे में बकाया नहीं होने पर भी राशि कटने से किसान चिंता में हैं। किसान का आरोप है कि समिति की लापारवाही है क्योंकि जब ऋण राशि पहले ही जमा कर दी गई थी तो समिति ने बकाया क्यों दर्शाया।

समिति प्रबंधक का तर्क – हम क्या करें शासन ने सिस्टम ही ऐसा बनाया है इसमें हम क्या करें जो शुद्ध भुगतान है वह एक हफ्ते में आ जाएगा जो कट गया उसमें थोड़ा समय लगेगा सब ऑनलाइन है कुछ लोगों के जमा होने के बाद भी पैसे कट रहे हैं। सिस्टम ऐसा ही है जो पैसा कट रहा वह भी हमारे पास नहीं आएगा वो किसान के खाते में ही आएगा- रघुवीर सिंह समिति प्रबंधक बैरसिया
इनका कहना –
बिल बनने से पहले हम हटा सकते थे लेकिन अब बिल बन गया अब शासन स्तर से ही होगा बाकी पैसा किसान के खाते में आएगा – समीउल्लाह कुरैशी प्रबंधक भोपाल कोऑपरेटिव बैंक बैरसिया

इनका कहना –
आप आपकी बैंक में जाकर एंट्री करा दीजिए पैसे वापस आ जाएंगे बाकी बैंक की गलती है लोन से हमारा कोई मतलब नहीं सहकारिता वालों ने खुद एंट्री की है कि किसके काटना है। अब जिसका जमा हो गया उसका इन्हें हटाना चाहिए था एंट्री करने और हटाने का लॉगिन इनके पास ही है। हम नहीं चाहते किसी का पैसा कटे – हुमा हुजूर कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी भोपाल

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Author: jtvbharat