
उज्जैन। बड़नगर के पीरझलार में रहने वाले एक व्यक्ति को कार बेचकर आठ लाख रुपये की धोखाधड़ी किए जाने का मामला सामने आया है। युवक ने जिससे कार खरीदी थी उसने भी अलकापुरी निवासी एक व्यक्ति से कार खरीद ली थी। जिस पर लोन चल रहा था। कार खरीदी के दौरान उसने लोन जमा करने का एग्रीमेंट किया था। मगर उसने दूसरे व्यक्ति को कार बेच दी। किश्त जमा नहीं होने पर जब बैंककर्मी कार मालिक के घर पहुंचे तो मामला सामने आया।
महाकाल पुलिस ने बताया कि मेहरबान सिंह पुत्र दारा सिंह उम्र 31 वर्ष निवासी पीरझलार बड़नगर ने 8 जुलाई 2023 को महेश पुत्र राधेश्याम अग्रवाल से 10 लाख रुपये में कार खरीदने का सौदा किया था। इसके एवज में मेहरबान ने महेश को 8 लाख 35 हजार रुपये का भुगतान किया था। दो लाख रुपये कार की एनओसी के वक्त देने की बात कही थी।
17 फरवरी को मेहरबान के पास लोकेश पुत्र मोहनलाल जैन पहुंचा था। जैन ने मेहरबान को बताया कि जो कार उसने खरीदी है वह उसकी है। जैन ने कार महेश को बेची थी। कार लोन पर खरीदी थी। जैन ने जब कार महेश को बेची थी तो उसे लोन की किश्त जमा करने का भी एग्रीमेंट किया था। मगर लोन जमा करे बगैर ही महेश ने वह कार मेहरबान को बेच दी।
किश्त जमा नहीं होने पर जब बैंककर्मी जैन के यहां पहुंचे तो उसने जानकारी निकाली तो पता चला कि महेश ने कार मेहरबान को बेचकर उससे रुपये ले लिए और लोन भी नहीं चुकाया है। जिसके बाद मेहरबान ने महाकाल पुलिस को शिकायत की थी। पुलिस ने आरोपित महेश अग्रवाल सहित नवीन शर्मा, कम्मोबाई निवासी महाकाल क्षेत्र के खिलाफ धारा 420, 406 के तहत केस दर्ज किया है। आरोपितों की तलाश की जा रही है।