
जिला ब्यूरो राजेंद्र योगी
बागली –बागली विधानसभा की कई किलोमीटर की सीमा खंडवा जिले की पंधाना विधानसभा से लगी हुई है। एवं कुछ सीमा खरगोन विधानसभा से लगी हुई है। निर्वाचन आयोग के निर्देश के चलते इन स्थानों पर चेक पोस्ट बनाए गए हैं। जिनके जरिए हर आने जाने वाले वाहन की चेकिंग के साथ अन्य निगरानी रखी जा रही है। प्रथम चेक पोस्ट भामर यहां से कुछ ही दूरी पर खंडवा जिला लग जाता है। यह चौकी निर्जन वन में बनी हुई है। यहां अन्य कोई भौतिक सुख सुविधा प्राप्त नहीं है यह घने जंगल में है। दूसरी चौकी फतेहगढ़ है। यह भी नर्मदा किनारे जंगल में ही स्थित है ।यहां पर भी 5 किलोमीटर दूर तक कोई गांव नहीं है। और एक चौकी तो मांधाता अभ्यारण के मध्य में बनी हुई है ।मांधाता अभ्यारण जिसका काम अभी रुका हुआ है। इसके समीप जयंती माता मंदिर है यह काली रातडी चौकी कहलाती है। यहां पर वन्य जीव जंतु का भी डर बना रहता है। हालांकि तीनों चौकी पर पंधाना विधानसभा से आने जाने वाले वाहनों की निगरानी रखी जाती है। चौकी पर रहने वाले प्रभारी कर्मचारियों ने बताया कि प्रतिदिन इन चौकिया पर 15 से 20 वाहन ही निकलते हैं ।और 50 से 60 मोटरसाइकिल बाकी परिवहन नहीं के बराबर रहता है दिन भर सुनसान रहता है। ।लेकिन शासन के निर्देश के पालन में यहां पर बारी-बारी से कर्मचारियों की ड्यूटी रहती है।
एक माह पहले से ही इनकी ड्यूटी लगा दी गई है
देवास जिले में आगामी 13 मइ को चुनाव है। जिसकी अधिसूचना अभी जारी नहीं हुई है लेकिन कलेक्टर के निर्देश पर एक माह पहले से ही चिन्हित चौकियो पर कर्मचारियों को तैनात कर दिया गया है ।यहां पर प्रतिदिन चेक पोस्ट की गतिविधि नोट कराना अनिवार्य है।
सभी चौकिया से कुछ ही दूरी पर खंडवा क्षेत्र लग जाता है। और वह भी जंगल मार्ग के जरिए कोई भी पक्का रास्ता नहीं है लेकिन फिर भी चुनाव आयोग के सख्त निर्देश है। इन मार्गों के जरिए भी कुछ गड़बड़ हो सकती है इसलिए यहां पर तैनात रहना जरूरी है। फतेहगढ़ चौकी प्रभारी वीपी शर्मा ने बताया कि इन चौकिया पर कभी भी कोई मिलने जुलने वाले भी नहीं आते इक्का-दुक्का वाहन थोड़ी-थोड़ी देर में आते हैं ।उन्हें चेक कर लिया जाता है रात्रि में यहां जंगली जानवरों का खतरा एवं अंधेरा होने के साथ-साथ कई प्रकार की असुविधा रहती है।