इंदौर लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी ने मैदान छोड़ा, अक्षय कांति बम ने वापस लिया नामांकन

इंदौर। इंदौर में सूरत जैसा बड़ा खेल हो गया है। लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी अक्षय कांति बम ने अपना नामांकन वापस ले लिया है, ऐसे में इंदौर में भाजपा के सामने कांग्रेस की चुनौती खत्म हो चुकी है।बताया गया कि कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय कांति बम भाजपा विधायक रमेश मेंदोला के साथ निर्वाचन कार्यालय पहुंचे थे, जहां उन्होंने अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और विधायक मेंदोला के साथ भाजपा कार्यालय के लिए रवाना हो गए। जानकारी के अनुसार यहां बम भाजपा की सदस्‍यता लेंगे।
क्या बोले अक्षय कांति?
नामांकन वापस लिए जाने को लेकर अक्षय कांति बम का कहना है कि नामांकन जमा करने के बाद से ही कांग्रेस की ओर से उन्हें कोई सपोर्ट नहीं कर रहा था। हालांकि राजनीतिक गलियारों में यह भी प्रयास लगाए जा रहे हैं कि फॉर्म भरने के बाद से ही कांग्रेस अक्षय क्रांति पर विरोधी पार्टी दबाव बना रही थी।

मोती सिंह का भी नामांकन हो चुका निरस्‍त
बता दे कि कांग्रेस के डमी उम्मीद मोती सिंह का पहले ही नामांकन निरस्त हो चुका है, कांग्रेस को पहले ही अंदेशा था, इसलिए मोती सिंह का नामांकन डमी के रूप में जमा कराया था। लेकिन अक्षय बम के नामांकन स्वीकृत होने से मोती सिंह का नामांकन निरस्त हो गया। कांग्रेस को फॉर्म निरस्त का अंदेशा था, लेकिन बम नामांकन वापस ले लेंगे यह नहीं पता था। सूत्रों का कहना है कि एक पुराने मामले में कोर्ट द्वारा धारा बढ़ाने के निर्णय के बाद से बम दबाव में थे, वहीं चुनाव बाद शिक्षण संस्थाओं पर कार्रवाई का दबाव भी था।

सूरत जैसा खेला
गौरतलब कि इससे पहले गुजरात के सूरत में भी यही घटनाक्रम हुआ था। उस समय कांग्रेस प्रत्याशी ने अपना नामांकन वापस ले लिया था, इसके साथ ही अन्य दलों की उम्मीदवार और निर्दलीय प्रत्याशी अपना पर्चा वापस ले चुके थे। जिसके बाद सूरत में भाजपा ने निर्विरोध चुनाव जीत लिया था।

अक्षय कांति बम के घर पुलिस पहुंची


प्रदेश के राजनीतिक इतिहास में आज एक बड़ा घटनाक्रम हो गया जब इंदौर लोकसभा (Lok Sabha) से चुनाव लड़ रहे कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय बम (akshay kanti bam) ने अपना नामांकन (Enrollment) फॉर्म वापस ले लिया। इस घटनाक्रम के बाद अक्षय कांति बम के घर के बाहर सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस तैनात कर दी गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अक्षय कांति बम द्वारा नामांकन फॉर्म वापस लेने के बाद कहीं कांग्रेस समर्थक उनके घर पर कोई हिंसक वारदात न कर दे इस बात को ध्यान में रखते हुए उनके निवास स्थान पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
अब कांग्रेस के सामने बड़ी विकट स्थिति निर्मित हो गई है। कांग्रेस के डमी प्रत्याशी का नामांकन पहले ही निरस्त हो चुका है। अब कांग्रेस के पास निर्दलीय का समर्थन करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
कांग्रेस के सामने अब आगे क्या
अचानक हुए इतने बड़े राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस के बड़े नेता भी अवाक रह गए अब समझ नहीं आ रहा है कि कांग्रेस क्या करेगी क्योंकि पहले ही डमी प्रत्याशी का नामांकन निरस्त हो गया है शहर अध्यक्ष सुरजीत सिंह चड्ढा की प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी से चर्चा चल रही है माना जा रहा है कि किसी निर्दलीय को कांग्रेस बी फार्मा दे सकती है ताकि मुकाबले में वहां खड़ा हो सके और यह संदेश नहीं जाए कि कांग्रेस इंदौर से भाग खड़ी हुई।


विजयवर्गीय बने सूत्रधार
सूत्रों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से अक्षय बम मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के संपर्क में थे और इस दल बादल में विजय वर्गी की ही महत्वपूर्ण भूमिका सामने आ रही है उन्होंने अपने खास सिपाही सालार विधायक रमेश मेंदोला को भी इसके लिए लगा रखा था आज सुबह मेंदोला के साथ में आने से संभावना प्रबल हो गई है कि वह भाजपा में जाएंगे।

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Author: jtvbharat