
एजाज खान बुरहानपुर
बुरहानपुर गुजराती समाज बुरहानपुर की प्रसिद्ध शख्सियत, पुराने सराफा व्यापारी रसिकलाल बिसनदास भरतिया उम्र लगभग 89 साल निवासी प्रतापपुरा बुरहानपुर का मंगलवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह एक अद्वितीय शख्सियत के मालिक होने के साथ साथ अपनी धार्मिक दयालु प्रवृत्ति, दया ज्ञान और प्रेम भावना से समाज में एक अच्छा मक़ाम रखते थे। उन्होंने अपने पीछे अपनी धर्म-पत्नी, चार बेटे और एक बेटियों, पोता पोती, नवासा नवासी सहित हंसता खेलता भरा पूरा परिवार छोड़ा है। उनकी सबसे बड़ी बहू श्रीमती निरुपमा कमल कुमार भरतिया लालबाग शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल से रिटायर्ड प्रिंसिपल रही हैं। वहीं मंझली बहू श्रीमती रचना कपिल कुमार भरतिया इंपिरियल अकैडमी बुरहानपुर में सीनियर टीचिंग स्टाफ है तथा छोटी बहू सेंट जेवियर्स कॉलेज में लाइब्रेरियन के पद पर कार्यरत हैं। एक पोता मानव कपिल कुमार भरतिया सॉफ्टवेयर कॉरपोरेट ट्रेनर है और एक पोती अहमदाबाद में कंपनी सचिव है। उनकी अंतिम यात्रा बुधवार सुबह 8:30 बजे उनके पैतृक निवास प्रतापपुरा से निकाली गई, जिसमें गणमान्य नागरिक गणों के साथ समाज जनों, ईष्ट मित्रों,रिश्तेदारों ने शिरकत की। मुखाग्नि उनके सबसे छोटे बेटे गीतेश कुमार भरतिया ने दी। उनका अंतिम संस्कार सतयारा घाट पर हिंदू रीति रिवाज एवं परंपरा अनुसार किया गया। उनके निधन से गुजराती समाज का एक मज़बूत स्तंभ ढह गया है। वे हिंदू मुस्लिम एकता और सद्भावना की सच्चे अलम बरदार थे।