मध्य प्रदेश रेरा ने दुबई के प्रख्यात EMMAR ग्रुप की कंपनियों द्वारा धोखाधड़ी करने पर कसी लगाम और इंदौर स्थित परियोजनाओं के भूखंडों के क्रय विक्रय पर भी रोक लगाई

भू माफिया, बिल्डर द्वारा धोखाधड़ी किया जाना एक सामान्य बात है और आए दिन कोई ना कोई खरीददार/व्यक्ति ऐसे भूमाफियाओं से प्रताड़ित होते रहते है, किंतु मध्य प्रदेश रेरा प्राधिकरण ने दुबई के Emmar group की कंपनियों की शहर इंदौर में स्थित परियोजना में संपत्ति क्रय विक्रय, विक्रय पत्र अथवा हस्तांतरण लेख का निष्पादन, संपत्ति का आवंटन, अग्रिम राशि प्राप्त करने पर आगामी आदेश तक रोक लगा दी है और साथ ही रुपए 5 लाख का दंड भी अधिरोपित करके ऐसे भूमाफियाओं पर लगाम कसना प्रारंभ कर दी है।

एक मामले में दुबई के प्रख्यात बिल्डर Emmar Group जिसने दुबई में विश्व की सबसे बड़ी बिल्डिंग बुर्ज खलीफा का निर्माण किया है, गुड़गांव, जयपुर,चंडीगढ़, इंदौर जैसे कई बड़े-बड़े शहरों में बड़ी-बड़ी परियोजनाओं का निर्माण किया है ऐसे प्रख्यात ग्रुप ने लालच, बेईमानी से ग्रसित होकर खरीददार नरेंद्र जोशी और अन्य के साथ धोखाधड़ी करके इन खरीदारों से शहर इंदौर में स्थित इंदौर ग्रीन्स कॉलोनी का भूखंड क्रमांक IMG-A-011 को बिक्री किया और बिक्री कीमत की 95% धनराशि प्राप्त करने के बावजूद भी इसी भूखंड को आनंद गुप्ता नामक व्यक्ति को अधिक भाव में बिक्री कर दिया और रजिस्ट्री भी कर दी और आनंद गुप्ता ने चार दिन पश्चात थी इसी भूखंड को घाटे में कविता खटकर नामक महिला को अवैध रूप से बिक्री किया।

मूल खरीदार और ईएमआर ग्रुप की कंपनियों के मध्य एक प्रकरण मध्य प्रदेश भू संपदा विनियामक प्राधिकरण के समक्ष पूर्व से ही लंबित था जिसमें दिनांक 07.08. 2020 को प्राधिकरण ने ईएमआर ग्रुप की कंपनी को आदेश जारी कर निर्देश दिए की ईएमआर ग्रुप की कंपनियों द्वारा जारी निरस्तीकरण का सूचना पत्र पर रोक लगा दी और उक्त भूखंड को अन्य किसी को विक्रय करने पर रोक लगाई और जिला पंजीयक और उप पंजीयक को भूखंड की रजिस्ट्री नहीं करने के निर्देश जारी किए थे।

इन निर्देशों के बावजूद भी ईएमआर ग्रुप की कंपनियों ने धोखाधड़ी करके और प्राधिकरण के आदेश की अवहेलना करके उक्त भूखंड को दिनांक 31.3.2023 को आनंद गुप्ता नामक व्यक्ति को बाले बाले अवैध रूप से अधिक कीमत में विक्रय किया और इस आनंद गुप्ता नामक व्यक्ति ने दिनांक 5.04.2023 को ही विक्रय कर दिया। Emmmar ग्रुप की कंपनियों और उप पंजीयक शैलेंद्र सिंह दंडोतिया ने सांठ गांठ, संगम मत होकर रेरा प्राधिकरण के आदेश और निर्देश की अवहेलना करके अपराधिकृत कारित किया।

इन सब घटनाक्रम की जानकारी के पश्चात जब खरीदार ने संपूर्ण घटनाक्रम की सूचना पुलिस प्रशासन को दी तो प्रख्यात बिल्डर के दबाव प्रभाव में ना तो प्रकरण में एफआईआर दर्ज की गई।

इस संपूर्ण घटना का की जानकारी को खरीदार में जब मध्य प्रदेश रेरा प्राधिकरण के समक्ष प्रस्तुत करें साथ ही ई एमआर ग्रुप की कंपनियां के द्वारा की गई धोखाधड़ी से अवगत कराया और साथ ही प्राधिकरण के आदेश की अवहेलना किए जाने से अवगत कराया तब जांच के पश्चात रेरा प्राधिकरण ने ईएमआर ग्रुप की इंदौर स्थित परियोजना में संपत्ति क्रय विक्रय, आवंटन, अग्रिम धनराशि प्राप्त करने, विक्रय पत्र अथवा हस्तांतरण पत्र के निष्पादन पर लोक लगा दी है और साथ ही रुपए 5 लाख की शास्ति अधिरोपित की है।

मध्य प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण के इस महत्वपूर्ण एवं अहम फैसले से गरीब खरीददार जो अपने संपूर्ण जीवन में अर्जित पूंजी को जैसे तैसे, तिनका तिनका जोड़कर अपने आशियाने की चाह को लेकर किसी बिल्डर से कोई प्लाट खरीदना है और उसे प्लॉट पर मकान बनाने का सपना देखा है और अपने परिवार के साथ उस उसे आशियाने में रहने के सपना संजोता है, जब उसे गरीब व्यक्ति के सपना चकनाचूर हो जाते हैं जब कोई भू माफिया अथवा बिल्डर धोखाधड़ी करके उस खरीदे हुए आशियाने को किसी और को ऊंचे दामों में बेच देता है और उसे गरीब आदमी की तिनका तिनका जोड़कर जमा की गई पूंजी को भी हड़प लेता है और साथ ही कानून पर इस उम्मीद से विश्वास करता है कि उसे कभी ना कभी तो न्याय मिल ही जाएगा। प्राधिकरण ने अपने आदेश में ऐसे ही भूमाफियाओं पर नियंत्रण कर करके एक अहम उदाहरण प्रस्तुत किया है।

प्रकरण में पैरवी हितेंद्र यू.के. त्रिपाठी, अभिभाषक ने की।

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Author: jtvbharat