बरेली में 13 जुलाई को राष्ट्रीय लोक अदालतः बैठक में जिला जज विनोद कुमार ने कहा-अधिक से अधिक वादों का किया जाए निस्तारण

दिवाकर सिंह
बरेली उत्तर प्रदेश

बरेली। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली द्वारा 13 जुलाई यानी शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। इस संबंध में बरेली जनपद न्यायाधीश विनोद कुमार अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बरेली की अध्यक्षता में जनपद न्यायालय के सभागार में प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक की गई। आयोजन किया गया।

जिला न्यायाधीश द्वारा प्रशासन के अधिकारियों को लोक अदालत को सफल बनाने व अधिक से अधिक वादों के निस्तारण करने के लिए दिशा निर्देश दिए। सभी अधिकारियों को सभी विभागों से ज्यादा से ज्यादा वादों के सफल निस्तारण कराने पर जोर दिया।

ट्रैफिक पुलिस को भी निर्देश दिए

अपर जिला जज हरेन्द्र बहादुर सिंह नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय लोक अदालत ने बताया कि सभी विभागों से आये अधिकारियों से लोक अदालत में लगाए वादों की जानकारी एकत्र की, साथ ही जिन नोटिस को पुलिस प्रशासन द्वारा तामील किया जा सकता है उनके तामिले के लिये यातायात पुलिस को निर्देश जारी किये गए।

इस बैठक में एडीएम सिटी सौरभ दूबे, एसपी ट्रैफिक शिवराज, लेबर कोर्ट से दिवय प्रताप सिंह, कैनाल न्यायालय से विपिन कुमार, बीएसएनल से अमित मौर्य, बीडीए से अनिल कुमार, चकबंदीसे पुनीत शर्मा, विद्युत विभाग से हरीश कुमार व नवदीप ग्रेवाल, चिकित्सा विभाग से लईक अहमद मौजूद रहे।

10 से 12 जुलाई तक विशेष लोक अदालत

अपर जनपद न्यायाधीश सचिव अजय कुमार शाही ने बताया कि बरेली में राष्ट्रीय लोक अदालत से पूर्व तीन दिवस की विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें लघु आपराधिक वादों के निस्तारण पर जोर दिया जा रहा है। सभी न्यायालयों द्वारा लघु आपराधिक मामलों के निस्तारण के लिए वादों का चयन किया गया है। जिनका सफल निस्तारण किया जाएगा।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बरेली सचिव द्वारा आम जनता से

अपील की गई है कि 3 दिवसीय विशेष लोक अदालत और राष्ट्रीय

लोक अदालत में अधिक से अधिक संख्या में मौजूद रहकर अपने वादों का सफल निस्तारण कराएं।

पूरे जिले में प्रचार प्रसार

राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रचार के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में कार्यरत पैरा लीगल वालंटियर को लगाया गया है। यह सभी शहर के अलग-अलग स्थानों पर जाकर लोक अदालत का प्रचार कर रहे हैं। और आम जनता को लोक अदालत के लाभ बता रहे हैं।

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Author: jtvbharat