
इंदौर
गुजरात सरकार द्वारा जैन अनुयायियों को 22वें तीर्थंकर नेमिनाथ भगवान के मोक्ष कल्याणक (13 जुलाई 2024) पर उनकी मोक्ष स्थली गिरनार पर्वत पर लाडू समर्पण करने पर रोक लगाना…बहुत ही दुःखद और निंदनीय है। विश्व जैन संगठन के प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने कहा कि
यह भारतीय संविधान में प्रदत्त मौलिक अधिकारों का हनन है और माननीय उच्च न्यायालय गुजरात के 17 फरवरी 2005 के आदेशों की अवमानना है।
विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में अहिंसक शांतिप्रिय और अति अल्पसंख्यक जैन समाज के साथ वर्तमान केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा इस तरह का बर्ताव…पूरे विश्व में अखंड भारत की अनेकता में एकता की छवि को धूमिल करता है और धर्म निरपेक्ष भारत को कलंकित करता है। आज सम्पूर्ण भारत की जैन समाज अहंत है