
ग्रामीणों ने सुबह त्रिवेणी के पुराने पुल किनारे से निकाला शव, हाथ पर जयश्री श्याम गुदा
मृतक महिला की पहचान हुई
उज्जैन डेस्क
उज्जैन:- शक्करवासा में रहने वाला युवक सुबह शनिमंदिर दर्शन करने पैदल त्रिवेणी के पुराने पुल से जा रहा था तभी उसने नदी किनारे बोरियों में भरा शव देखा जिसमे किसी की लाश थी।
उसने आसपास के ग्रामीणों को इसकी सूचना दी और बोरे में भरे शव को नदी से बाहर निकाला तो देखा शव महिला का है जिसे सिर व पैर तरफ से दो बोरियों में भरकर नदी में फेंका गया था। गोपाल ने तत्काल पुलिस को सूचना दी जिस पर सीएसपी, टीआई सहित एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची और शव को पीएम के लिये जिला चिकित्सालय पहुंचाकर जांच शुरू की ।
टाट की बोरी पर लिखा खानगांव
महिला के शव को सिर तरफ से जिस बोरी में डाला गया उस टाट की बोरी पर खानगांव लिखा है। पैरों की तरफ से शव को प्लास्टिक की बोरी में डाला गया था। दोनों बोरियों में लिपटा महिला का शव नदी में फेंका गया।
रस्सी से हाथ, पैर व मुंह बंधा
महिला का शव नदी से निकालने के बाद पुलिस ने बोरियां हटाई गई तो पता चला कि महिला के दोनों पैर, हाथ व मुंह रस्सी से बंधे थे। उसके पैरों में नकली पायल व बिछुड़ी थी। संभवत: गला घोंटकर हत्या के बाद शव को रस्सी से बांधकर बोरियों में भरकर नदी में फेंका गया होगा। महिला के एक हाथ पर जयश्री श्याम गुदा है।दोनों पैर पानी में गल गए .महिला के दोनों पैर पानी में गल चुके थे। प्रत्यक्षदर्शी गोपाल प्रजापत ने बताया कि शव पर कपड़े नहीं दिखे तो शनि मंदिर से दो साडिय़ां लाकर औढ़ाई थीं। पुलिस द्वारा महिला की शिनाख्ती के प्रयास शुरू कर दिए गये थे। वही मिली जानकारी अनुसार शिप्रा नदी में तैरती हुई लाश की पहचान उज्जैन के पवासा निवासी महिला रचना के रूप में हुई।
रचना शुक्रवार सुबह से घर से लापता
लाश की शिनाख्त पंवासा क्षेत्र में रहने वाली रचना टिपानिया के रूप में हुई. रचना शुक्रवार सुबह से अपने घर से लापता थी. उसके पति गोकुल टिपानिया शुक्रवार को पंवासा थाने में गुमशुदगी दर्ज करने पहुंचा था, पुलिस ने उसे फोटो लाने का कहा तो वो लौटकर नहीं आया। इसके शनिवार सुबह उसकी लाश मिलने की सुचना पर शिनाख्ती के लिए पहुंचा पति। महिला के 13 साल के बेटे ने पुलिस को बताया की माँ घर में सभी के साथ मारपीट करती थी। वो पापा के साथ भी मारपीट करती थी। पुलिस शंका के आधार पर महिला के पति से पूछताछ कर रही है।