स्कूल वाहनों के ऊपर कन्नौद पुलिस की चालानी कार्रवाई,नौनिहालों के भविष्य से खिलवाड़,गैस सिलिंडर से चल रही स्कूल वैन,

कन्नौद से प्रदीप श्रोत्रिय की रिपोर्ट*

कन्नौद ।क्षेत्र में संचालित निजी स्कूलों में विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है. अधिकतर स्कूल संचालक नियमों को ताक पर रखकर स्कूलों का संचालन कर रहे हैं. स्थिति यह है कि अधिकांश स्कूलों में शिक्षकों के पास बीएड या डीएलएड की डिग्री भी नहीं है. ऐसे स्कूल संचालकों के खिलाफ शिक्षा विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. सच कहा जाये, तो ऐसे विद्यालयों में हर तरह के शिक्षक रखे जाते है. मैट्रिक पास भी बच्चों को पढ़ाने में लगा है. समझा जा सकता है कि बच्चों के भविष्य पर क्या असर पड़ेगा. बड़ी बात यह है कि निजी स्कूलों में चलने वाले वाहन बिना किसी मापदंड के चल रहे हैं. वाहनों में सीएनजी तो अधिकतर वाहनों में घरेलू गैस सिलेंडरों का उपयोग हो रहा है. आश्चर्य की बात तो यह है कि इस पर विभाग की नजर नहीं है. ग्रामीण क्षेत्र के निजी स्कूलों में जमकर मनमानी की जा रही है. जिसके पास स्कूल भवन नहीं है वह भी किराये के भवन में मिडिल की मान्यता के बाद भी हाई स्कूल से लेकर हायर सेकंडरी तक की कक्षाएं संचालित करने में लगा हुआ है. साथ ही स्कूल का स्टेंडर्ड बनाने के लिए बिना फिटनेस के वाहनों को चलाया जा रहा है. स्कूल वाहनों के प्रति जिम्मेदारों का रवैया ढीला है. बिना व्यावसायिक पंजीकरण नंबर की गाड़ी में ही बच्चों को ढोया जा रहा है. चालकों के पास ड्राइविंग लाइसेंस तक नहीं हैं. ऐसे में घर से स्कूल तक का बच्चों का सफर खतरे में हैं. सड़कों पर अनफिट स्कूल वाहन धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं. इनकी कोई गाइड लाइन निर्धारित नहीं है. अधिकांश वाहन सिंगल व्हील चल रहे हैं. ऊबड़-खाबड़ वाले रास्तों पर कभी भी पलट सकती है. स्कूल वाहनों में न तो अग्निशमन यंत्र होते हैं और न प्रथम उपचार बाक्स होते हैं. सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया हुआ है कि वाहन पर स्कूल का नाम व फोन नंबर जरूर होना चाहिए. कई प्राइवेट स्कूलों के वाहनों में क्षमता से अधिक बच्चों को भरकर ले जाया जाता है. अभिभावक भी यह सब कुछ देखकर मौन हैं, क्योंकि स्कूल वाहन चालक को मना किया तो उनके बच्चे स्कूल कैसे जायेंगे. यह सोचकर वह भी चुप्पी साध लेते हैं, लेकिन कभी हादसा हो गया तो उसका जिम्मेदार कौन होगा. यदि स्कूल वाहन पर नाम नंबर लिखा हो तो कोई हादसा होने पर कम से कम स्कूल में फोन कर सूचित तो किया जा सके. क्षेत्र में अभी भी दर्जनों स्कूल बगैर मानक पूरा किए बेरोकटोक संचालित हो रहे हैं| वही वाहन दुर्घटनाओ की रोकथाम हेतु पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय द्वारा पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आकाश भूरिया अनुविभागीय अधिकारी केतन अडलक को निर्देशित किया गया बुधवार को नगर परिषद चौराहे पर थाना प्रभारी तहजीब काजी के नेतृत्व में इन्दौर-बैतुल मार्ग पर तेजगति से चलने वाले डम्फर, बस व बिना सीट बेल्ट व हेलमेट तथा स्कुल में बच्चो को लाने ले जाने वालो वाहनो की चैकिंग की गई तथा यातायात नियमो का पालन नही करने वाले वाहन चालको के विरूध्द चैकिंग के दौरान 28 ट्रक, डम्फर, बस, कार, दो पहिया वाहन व 5 स्कुल वाहनो के विरूध्द चालानी कार्यवाही कर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत जुर्माना राशी 12800 रूपये वसुल किया गया तथा स्कुल बस संचालको को निर्धारित मापदण्ड पर यातायात नियमो का पालन करवाने हेतु पत्र जारी किये गये तथा मोटर व्हीकल एक्ट के नियमो का उल्लघन करने वाले चालको के विरुध्द लगातार कार्यवाही जारी है।

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Author: jtvbharat