
इंदौर कलेक्टर ने क्रेडाई चेयरमैन गोपाल गोयल और साकार ग्रुप के मालिक बिल्डर संजय दासौद के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज करवाई है। इन दोनों पर कागजों पर प्लाट बेचकर लोगों को सरकार के साथ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत की गई है।
अवैध रूप से काटी जा रही कॉलोनियों पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
इंदौर शहर में बगैर अनुमति काटी जा रही 34 अवैध कॉलोनियों को नोटिस जारी किए हैं।
सबसे एक सप्ताह में जवाब मांगा, इसके बाद इन कॉलोनियों पर प्रशासन करेगा कार्रवाई।
इंदौर। क्रेडाई चेयरमैन गोपाल गोयल और साकार ग्रुप के संचालक संजय दासौद पर कलेक्टर ने एफआईआर दर्ज करवाई है। दोनों आरोपित पार्टनर हैं और उन पर कॉलोनी सेल में बंधक चार प्रोजेक्ट के प्लाट बेचकर शासन के साथ करोड़ों रुपयों की धोखाधड़ी करने का आरोप है। आरोपितों का सांवेर रोड स्थित एक अन्य प्रोजेक्ट भी जांच की जद में आ गया है। डीआईजी (ग्रामीण) निमिष अग्रवाल के मुताबिक, तहसीलदार यशदीप रावत द्वारा शिकायत दर्ज करवाई गई है। मेसर्स साकार रियल के भागीदार संजय देवेंद्र दासौद (सीताबाग कॉलोनी) और गोपाल प्रेमचंद गोयल (रेसकोर्स रोड) के विरुद्ध प्राइम सिटी निवासी लोकेंद्रसिंह ने कलेक्टर आशीष सिंह को शिकायत की थी।
इंदौर में चल रहे प्रोजेक्ट
आरोपितों के साकार कॉरिडोर (बड़ा बांगड़दा), साकार हिल्स (जैतपुरा), सिद्धि विहार (जैतपुरा), साकार कॉरिडोर प्राइम (बड़ा बांगड़दा) में प्रोजेक्ट चल रहे हैं। कलेक्टर कार्यालय में कॉलोनी सेल में धरोहर के रूप में प्लाट बंधक रखकर जुलाई 2021 में विकास अनुमति प्राप्त की गई थी। विभाग द्वारा छह माह में विकास कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए थे। कलेक्टर ने आरोपितों के प्रोजेक्ट की जांच करवाई तो पता चला कि ग्राम दतोदा, डॉ. आंबेडकर नगर (महू) स्थित साकार रियल लाइफ कॉलोनी के 8401.82 वर्गमीटर के 79 बंधक भूखंड बेच डाले।
जिन लोगों को भूखंड बेचे, उन्होंने भी कीमत बढ़ाकर सौदा कर दिया। नौ अगस्त को कलेक्टर कार्यालय ने नोटिस जारी कर पूछा तो आरोपितों ने 12 अगस्त को स्पष्टीकरण प्रस्तुत कर बंधक भूखंड बेचना स्वीकारा। आरोपितों ने अविक्रित भूखंड को पुन: बंधक रखने का प्रस्ताव भेजा, जबकि कार्यपूर्णता का प्रमाण पत्र प्राप्त किए बगैर भूखंड बेचना शासन के साथ धोखा है। गुरुवार को तहसीलदार द्वारा संजय और गोपाल के विरुद्ध सिमरोल थाने में लिखित शिकायत की गई। पुलिस ने तत्काल बीएनएस की धारा 318, 61(2), 316(2) और 3(5) के तहत केस दर्ज कर लिया है। रजिस्ट्रार कार्यालय की भूमिका की जांच की जा रही है। बंधक प्लाट की रजिस्ट्रार को भी जानकारी थी।
एक सप्ताह में मांगा जवाब
इंदौर जिले में अवैध रूप से काटी जा रही कॉलोनियों पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। बगैर अनुमति काटी जा रही 34 अवैध कॉलोनियों को नोटिस जारी किए हैं। एक सप्ताह में इन कॉलोनियों से जवाब मांगा गया है। इसके बाद अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई की जाएगी। अपर कलेक्टर गोरव बैनल ने कहा कि एसडीएम से मिले प्रतिवेदन के अनुसार कार्रवाई की गई है।
जमीन खरीदे बगैर कागजों पर बेच
दिए करोड़ों के प्लाट
दासौद के विरुद्ध गंभीर शिकायतें हैं। सांवेर रोड स्थित शिवनगरी, सिंबा सिटी के नाम से काटी कॉलोनी में करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा हुआ है। किसानों से जमीन खरीदे बगैर दासौद ने लोगों को प्री लांचिंग स्कीम में प्लाट बेचकर सैकड़ों करोड़ रुपये एकत्र कर लिए। डायरी पर हुए इन सौदों में रियल एस्टेट से जुड़े दलाल और फर्में जांच की जद में हैं।