
जिला ब्यूरो चीफ रेखा लहासे
बुरहानपुर,पदोन्नति पर रोक का सरकारी आदेश नहीं फिर भी 8 साल में बिना प्रमोशन रिटायर्ड हुए सवा लाख कर्मचारी उपरोक्त जानकारी देते हुए कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर संतोष सिंह दीक्षित ने बताया कि मध्य प्रदेश में रोक का कोई भी सरकारी आदेश जारी नहीं हुआ है इसके बावजूद 8 साल से बिना प्रमोशन के सवा लाख से अधिक कर्मचारी सेवानिवृत्ति हो चुके हैं यह खुलासा शासन में लगा एक सूचना के अधिकार से प्राप्त हुआ वही पदोन्नति का मामला सुप्रीम कोर्ट में होने के बाद भी मध्य प्रदेश हाई कोर्ट पदोन्नति कई प्रकरण में कर चुका है कि पदोन्नति पर कोई रोक नहीं है हाई कोर्ट में अलग-अलग बेचों में लगे कुछ प्रकरणों में कर्मचारियों को पदोन्नति भी मिल गई है मध्य प्रदेश में पिछले 8 वर्ष से सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति नहीं हुई है जिला संयुक्त मोर्चा के डॉक्टर अशफाक खान अनिल बाविस्कर विजय राठौड़ धर्मेंद्र चौक से राजेश साल्वे ठाकुर हेमंत सिंह भानु दास भाई अरविंद सिंह ठाकुर ने बताया कि 2016 में हाई कोर्ट जबलपुर में पदोन्नति नियम 2002 को निरस्त कर दिया था तब से अब तक तीन सरकार बदल चुकी है लेकिन कोई भी सरकार पदोन्नति का रास्ता नहीं निकल पाई मामला पदोन्नति में आरक्षण को लेकर फंसा हुआ है इसको लेकर शिवराज सरकार ने समिति बनाई और वरिष्ठ अधिवक्ताओं से नियम भी बनवाई पर कोई रास्ता नहीं निकल पाया शिवराज सरकार के बाद कमलनाथ सरकार भी 15 माह के लिए आई पर उसने भी कुछ नहीं किया 2020 में फिर शिवराज सरकार बनी और उन्होंने पदोन्नति के विकल्प के रूप में उच्च पद का प्रभार देने का निर्णय लेकर कर्मचारियों को साधने का प्रयास किया प्रकरण अभी सुप्रीम कोर्ट में विचारअधीन हैं 2016 के बाद से यह चौथी सरकार है और कर्मचारियों को उम्मीद है कि मोहन सरकार पदोन्नति में आरक्षण को लेकर कोई ठोस प्रयास कर इसका रास्ता निकालेगी मध्य प्रदेश में मध्य प्रदेश के लगभग 7 लाख कर्मचारियों को 8 साल से पदोन्नति का इंतजार है वैसे इसे लेकर सरकार भी गंभीर नहीं है 2 साल में दो समितियां बन चुकी है और अनुशंसा का लाभ सिर्फ कार्यवाहक पदोन्नति में सीमेंट गया है जो कि कर्मचारी हित में नहीं है