
जिला ब्यूरो चीफ राजेश माथुर
मामला धरनावदा थाना क्षेत्र का है
हम आपको बता दें कि धरनावदा थाना क्षेत्र रूठियाई चौकी अंतर्गत
कर्माखेड़ी काशीनगर की निवासी रेखा बाई धाकड़ पति वीरेंद्र सिंह धाकड़ ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी
एक वीडियो ने किया खुलासा मृतिका रेखा बाई धाकड़ ने मरने से पहले एक वीडियो बनाया था और वीडियो के आधार पर सारे घटनाक्रम के राज खुले और आरोपियों पर पुलिस द्वारा एफ आर आई भी दर्ज कर ली गई हैं
इन लोगों पर हुआ है मामला दर्ज
फरियादी वीरेंद्र धाकड़ की माने और रेखा धाकड़ द्वारा जो वीडियो बनाया गया था उसके अनुसार उसकी मौत का मुख्य आरोपी झोलाछाप डॉक्टर संजू धाकड़ निवासी खिरिया थाना धरनावदा और उसके सात विष्णु धाकड़ निवासी तिल्ली खेड़ा थाना बजरंगगढ़ प्रसन्न भाई पति विष्णु धाकड़ और कविता धाकड़ निवासी कड़ैया छबरा जिला बारा राजस्थान इन चारों के खिलाफ आत्महत्या उत्प्रेरण का मामला दर्ज हो चुका है अब सवाल यह उठता की मामला दर्ज हुए दस दिन से अधिक हो चुके हैं फिर भी आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर है आखिर वजह क्या है अभी तक क्यों नहीं पकड़ पाई धरनावदा थाना पुलिस आरोपियों को
क्या पुलिस का मुखबिर तंत्र और साइबर सिस्टम काम नहीं कर रहा या फिर पुलिस जानबूझकर अपराधियों को पकड़ना नहीं चाह रही है
जी हां हम वहीं पुलिस की बात कर रहे हैं जिसने कुछ दिनों पहले गुना जिले की सबसे बड़ी चोरी हुई ज्वेलरी रिकवरी करने में सफलता हासिल की थी धरनावदा थाना क्षेत्र में 53 किलो से अधिक चोरी हुई चांदी को जमीन के अंदर से बरामद किया था इसमें धरनावदा पुलिस प्रशासन की मुख्य भूमिका रही थी और गुना पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार सिन्हा द्वारा धरनावदा पुलिस के कई अधिकारियों को सम्मानित भी किया गया था लेकिन अब सवाल उठ रहा है कि यह वही पुलिस है जो इतनी बड़ी-बड़ी कार्यवाही करने में सक्षम है फिर आखिर इन चंद आरोपियों को क्यों गिरफ्तार नहीं कर पा रही है उधर फरियादी वीरेंद्र सिंह धाकड़ का कहना है कि उस पर राजीनामे को लेकर काफी दबाव बनाया जा रहा है जिससे वह मानसिक तनाव में है और उसको जान से मारने की धमकियां भी आ रही है इससे वह डरा हुआ है वह जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने की अपील पुलिस प्रशासन से कर रहा है और धरनावदा पुलिस प्रशासन हाथ पे हाथ रखे बैठा हुआ है
जब दबंग भोपाल ने धरनावदा थाना प्रभारी राजेंद्र चौहान और राघोगढ़ एसडीओपी श्रीमती दीपा डोडवे से बात की तो उन्होंने आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की बात कही थी लेकिन अभी तक कई दिन बीत जाने के बाद भी आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिला है और न ही कोई कार्यवाही की गई अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है आरोपी ऐसे में फरियादी को अपनी जान का खतरा है अगर फरियादी के साथ कोई दुर्घटना घटित होती है तो उसका जिम्मेदार कौन होगा पुलिस प्रशासन या फिर कोई और क्या धरनावदा पुलिस फरियादी के साथ कोई घटना घटित हो उसका इंतजार कर रही है अब देखना होगा की खबर प्रकाशित होने के बाद क्या धरनावदा पुलिस जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल कर पाती है अथवा नहीं है यह तो देखने का विषय है
अगले अंक में और भी