
प्रदेश सरकार मोक्षधाम की व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध तो विधायक क्यों पीछे छूटे…..
रमेश राठौर जोगमाया
नीमच :-नीमच जिले की जावद तहसील की अंतिम संस्कार के लिए शव को लेजाने वाले परिजन और ग्रामवासी एक बहते नाले में घुटने घुटने तक पानी में अर्थी को मुक्तिधाम ले जा रहे है।
जावद विधान सभा क्षेत्र में यह कोई पहली नही पहले भी तिरपाल ढक कर अंतिम संस्कार करने के समाचार प्रकाशित हो चुके है।
जावद विधान सभा क्षेत्र में प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा के वर्ष 2004 से ओम प्रकाश सकलेचा लगातार निर्वाचित होते आ रहे विधायक है जो प्रदेश सरकार में मंत्री भी रह चुके है उनके क्षेत्र की यह तस्वीर भाजपा के सुशासन के दावे की पोल खोलती नजर आ रही है वही विधायक के साथ साथ प्रदेश सरकार पर भी प्रश्न चिन्ह लगाती नजर आ रही है जबकि प्रदेश के मुखिया डॉ मोहन यादव प्रदेश के समस्त ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के श्मशान/मुक्तिधाम की सुचारू और सुव्यवस्थित व्यवस्था के लिए कटिबद्ध होकर इस संबंध में संबंधित विभाग के प्रमुख सचिव से आदेश भी जारी करवा चुके है लेकिन दुःख तो इस बात का की 2004 से जावद विधान सभा क्षेत्र में लगातार भ्रमण करने वाले विधायक और पूर्व मंत्री के संज्ञान में इस ग्रामीण क्षेत्र की जायज व्यवस्था के लिए बात क्यों नही आई जबकि विगत 20 वर्षो से ओम प्रकाश सकलेचा लगातार विधायक निर्वाचित होते आ रहे है और विकास के लिए प्रतिबद्ध भी है और करोड़ों के विकास भी करवाए लेकिन एक सामाजिक व्यवस्था अंतिम संस्कार के मुक्तिधाम जो प्रत्येक ग्रामीण क्षेत्रों में है की जानकारी नहीं ले पाए जबकि प्रत्येक ग्रामीण क्षेत्र के जनप्रतिनिधि सकलेचा जी के निरंतर संपर्क में है और वह अपने क्षेत्र की इस समस्या से विधायक तो ठीक सांसद को भी अवगत नही करा पाए पर उक्त ग्रामीण क्षेत्र किसी न किसी ग्राम पंचायत में सम्मिलित होगा ही और पंच,सरपंच के अलावा जनपद सदस्य,जिला पंचायत सदस्य उक्त क्षेत्र से वोट लेकर विजय हुआ ही होगा पर किसी का भी इस समस्या के निदान की ओर ध्यान नहीं गया वहा तक तो ठीक है पर उस क्षेत्र के नागरिकों ने भी मुक्तिधाम की सुव्यस्था के लिए कोई प्रयास नहीं किए और न आवाज उठाई और अब जब गुटन तक पानी में अर्थी मुक्तिधाम तक लेजाते हुए फोटो शेयर किया और सिस्टम और सरकार पर
दोषारोपण करने का कार्य किया जो सर्वथा अनुचित है प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है की वह अपनी ओर अपने क्षेत्र की समस्या के लिए मुखर हो तभी सिस्टम और सरकार सतर्क होगी और कार्य भी होंगे।
मेरा इस समाचार के माध्यम से किसी पर दोषारोपण करना नही है बल्कि क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि से लेकर इस क्षेत्र के विधायक और सांसद प्रत्येक ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित मुक्तिधाम स्थल की व्यवस्था और अव्यवस्था की जानकारी लेकर प्रदेश के मुखिया डॉ मोहन यादव जो आज के विकास पुरुष होकर बाबा महाकाल के परम भक्त है की मंशा अनुसार इस क्षेत्र के समस्त मुक्तिधाम को सुव्यवस्थित करने हेतु कदम उठाकर एक मिशाल कायम करे।