
सोयाबीन के गिरते दाम को लेकर कृषि मंत्री के नाम ज्ञापन दिया
बदनावर । राजेश चौहान
भारतीय किसान संघ शाखा बदनावर द्वारा पाम तेल एवं सोयाबीन तेल के आयात को पूर्णत प्रतिबंधित करने को लेकर कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम से तहसीलदार सुरेश नागर को ज्ञापन सोपा गया। ज्ञापन में बताया कि सोयाबीन फसल के भाव पिछले 10 वर्षों के पूर्व भाव पर 4000 पर प्रति क्विंटल पहुंच चुके है। पिछले 10 वर्षों में दौजात, कीटनाशक वाई, मजदूरी, ट्रैक्टर भाड़ सभी डबल हो चुके हैं। इस हिसाब से सोयाबीन का बाच किसानों को 28000 प्रति 1 क्विंटल मिलना चाहिए। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान आप खुद एक किसान है आप बताएं 10 वर्षों के पूर्व के रेट में कौन सी बस्तु मिल रही है। सरकार ने ट्रैक्टर, कृषि यंत्र, कीटनाशक दवाई, खेती में उपयोग की जाने वाली यशीन रात्री सामान पर जीएसटी लगा रखा है। श्री आपको फसल 10 वर्ष के पूर्व के भाव में चाहिए सरकार से निवेदन है कि पाम तेल एवं सोयाबीन तेल आयात को । बारात में पूर्णतः बंद कर देना चाहिए। सोयाबीन डौगीसी का सादा से ज्यादा निर्यात किया जाए। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा सेनाबीन का समर्थन मूल्य 4892 रुपए प्रति क्विंटल घोषित किया है है और सोयाबीन 3800
प्रति क्विंटल विक रही है। इस मान से किसान को
प्रति क्विंटल 1000 के नुकसानी हो रही है। सरकार जिस फसल को सरकारी खरीद नहीं कर सकती उस फसल का समर्थन मूल्य तय करने का अधिकार आपको है। तो सोयाबीन की खरीद समर्थन मूल्य पर की जाए। साथ ही बदनावार क्षेत्र में चौडारोज की संख्या में बहुत वृद्धि हो चुकी है। फसलों में काफी नुकसान करता है। 4000 प्रति क्विटल भाव से फसल बेचने में किसान को घाटा ही घाटा होता है। अतः मध्य प्रदेश सरकार से अनुरोध है कि सोयाबीन की उपज शासकीय खरीदी पर 78000 प्रति क्विंटल में खरीदी की जाए। ज्ञापन देने के दौरान अध्यक्ष कालू सिंह राठौर, मंत्री रंजीत, जिला प्रचारक मनोहर कागदर, लाखन सिंह, कुलदीप, बिजय सिंह, श्रीराग, भरतलाल, शंभूसिंह, दिलीप सिंह, दरवार सिंह, मदन सिंह, पंकज पवार, अरुण सिंह, विशाल सिंह, अमृतलाल तारोदिया, काशीराम चौधरी, महेंद्र जायसवाल, राजेंद्रसिंह, मदन सिंह, बजेसिंह, चतर्रासिंह डोडिया, अंतसिंह, समंदरसिंह शिवराजसिंह सहित कई किसान मौजूद थे